कैसे आयेगी मुझे चतुराई 
अगर आ भी गयी तो क्या हो जायेगा ....
जब भी दुनिया की तरफ नजर जाती है तो सोचती हूँ कि यह दुनिया सिर्फ चतुर लोगों के लिए ही है वही इस दुनिया में जी पाते हैं ,,, वही दुनिया से कुछ छीन पाते हैं ...किसी न किसी प्रकार से वे दुनिया को अपने वश में  करने का प्रयास करते रहते हैं और फिर सोचते हैं कि हमसे ज्यादा चतुर और चालक कोई भी नहीं है लेकिन वे भूल जाते हैं कि चालाक और चतुर कौआ भी होता है ,,,हमेशा अपनी चतुराई के लिए जाना जाता है अपने अंडे भी कोयल के घोसले में पलवा लेता है लेकिन आखिर में खाता है गू ही ! उससे ही अपना पेट भरता है और अपनी चालाकी के लिए पूरी दुनिया में बदनाम भी हो जाता है खैर क्या करना जिसे जैसे जीवन जी मिले उसे उसी तरह से जी लेना चाहिए लेकिन इन चतुर और चालाक लोगों से सीधे और सरल लोगों को बहुर दुख और दर्द होता है ...इतना कष्ट कि सहा नहीं जाता मानों आत्मा ही छलनी हो जाती है पर क्या करें वे कुछ नहीं कर सकते सिर्फ रोने और खुद को ही तकलीफ देने के ....
खैर दिन तो सीधे और सरल लोगों के भी आते ही हैं और जरूर आएंगे बस यही उम्मीद और आस जीने का माध्यम बन जाती है और मन में ऊर्जा का संचार भी कर देती है ....
जी लेंगे हम भी इसी सरलता के संग 
कभी हमारे अच्छे और प्यारे दिन जरूर आएंगे ...

सीमा असीम 
2,5,20 

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