चोट जब दिल पर लगती है 
दर्द तो होता ही है 
कोई चिंगारी भड़कती है 
शोला बनता ही है 
क्या तुम मुझे इस तरह से रुलाओगे 
देखना एक दिन तुम सिर पटकते आओगे 
नहीं करुँगी माफ़ तुम्हें यह वादा है मेरा 
गिरोगे जमीं पर बहुत गहरी चोट खाओगे 
काश होता अगर जीवन में एक ख़ून माफ़ 
तो सबसे पहले तेरा कत्लेआम करती 
फिर चौराहे पर तुझे खड़ा कर देती 
बताती दुनिया को धोखेबाज की यही सजा है 
कोई बच्चों का खेल नहीं प्रेम न सिर्फ मजा है 
तबाह हो जाता है जीवन बर्बाद हो जाता है 
जो  सच्चे प्रेम में इस तरह दग़ा खाता है 
रो रो कर गुजारी है रातें दिन को न सकूं मिला 
तूने आग जो जलाई है उसमें तुझे ही भस्म करना है 

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