प्रेम

कितना कठिन होता है न , 

ज़ब आप अपने प्रेम को 

किसी और के साथ देखते हो.....

सहन ही नहीं होता ....

लगता है किसी ने प्राण ही खींच लिए हैं 

उसके बाद भी 

दिल उसे ही याद करता है 

उसके लिए ही तड़पता है 

दुआओं में उसे ही मांगता है 

मंदिर मस्जिद गुरूद्वारे 

हर जगह एक ही दुआ 

ऐसा क्यों होता है 

जबकि हम जानते हैं कि 

उसने हमें मार दिया है 

ब्लॉक करना किसी को 

मौत देने से कम नहीं होता 

जीते जी मारना और 

इसकी सजा कानून नहीं 

ईश्वर की अदालत में मिलती है 

तुम्हें भी मिलेगी 

जानती है मेरी आत्मा 

फिर क्यों मेरा मन 

तुम्हें ही प्रेम करता है 

तुम्हारी ही याद में पल पल जीता है 

क्या है यह?

क्या यही है सच्चा प्रेम .....💔

सीमा असीम 

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