दिल खिल जाये
आँख के आँसू थमते नहीं है
क्यों तुम इस तरह बहने लगते हो
तुम हो मेरे दिल में बसे हुए
बंद किये हुए
आजद होने को इस तरह छलकते हो
कभी तो होठों पर आकर बैठो
खुल कर हँसो तुम संग मेरे
मुझे भी हँसा दो सनम
दिल खोलकर तुम
मानो महक उठी हो सारी बगिया
खिल गये हो फूल ही फूल
गीत गाने लगी हो कोयल
आम की डाल पर बैठकर
पीपीहे की प्यास भी बुझती है
बड़े प्यार से बुलाया
गले लगाया अब तुम
करो न मेरी परवाह
रखो मेरा ख्याल
ओ सनम दिल खिला दे मेरा
असीम
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