दुनिया और तुम
. दुनिया को बहुत प्यारा और खूबसूरत होना चाहिए जितनी प्यारी होती है कोयल की कूक और कितने प्यारे होते हैं फूल पौधे और पत्तियां कभी आपने देखा है डाली पर खिले फूलों को फूलों पर बैठी तितली को मस्त गगन में उड़ती हुई चिड़िया को कभी आपने देखा है दूर क्षितिज तक जहां पर बसता है सुंदर सा प्यारा जहां यहां पर मिलता है धरती और आसमान तुम देखना कभी सुदूर देश से उड़ते चले आए हुए पंछियों को बार-बार आकर वापस लौट जाने को हां लौटना नियति है पर आना भी जरूरी है उतना ही जरूरी जितनी जीने के लिए सांस तुम आना सनम जरूर आना देखेंगे साथ-साथ दुनिया को और दुनिया के रिवाजों को एक दूसरे की आंखों में देखते हुए जीते हुए आखिरी दम तक... सीमा असीम