नदी झरने
मुझे बहुत प्यार है
इन सूरज चांद सितारों
पहाड़ नदी झरने
फूल पेड़ पौधे हवा से क्योंकि
यह हमें खुशी देते हैं
मन को प्रफुल्लित करते हैं
बिना किसी शर्त
बिना किसी माँग के..
यह सब हमें असीम सुख से
आह्लादित करते हैं
कुछ भी तो नहीं चाहते हमसे
बस देते ही रहते हैं ...
जब तक कि यह मोहक रूप में होते हैं
तब तक हम सुखी होते हैं
खुश होते हैं
पर कभी जरा सा विकराल रूप दिखाते हैं
तो हम सब डर जाते हैं
घबरा जाते हैं ...
जैसे कि सूरज अपने तेज ताप से हमें तड़पाता है या जब तेज हवाएं अंधियाँ आती हैं
या जब बारिश भयंकर रूप में आती है
तो फिर कहाँ हमारे मन को लुभाती है...
हम सहज और सरल मानव हैं
और सहजता सरलता ही प्यारी लगती है
प्रकृति की किसी भी रूप में
भयंकरता या विकरालता
स्वीकार नहीं
कि हम अथाह प्यार करते हैं
प्रकृति से
इसके हर रूप से ..
असीम
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