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 1. प्रेम प्रेम में बड़ा कुछ नहीं होता, प्रेम में छोटा भी कुछ नहीं होता  बस एक बोतल पानी रख देना, बस एक गलती पर मुस्कुरा  देना, और बारिश में चुपचाप बैठे रहना... 2. तुम तुम मिले फिर मिले  दूर जाकर भी  दूर गये नहीं  एक आदत बन गयी  और यह आदत रह गई, आदत ही तो है   कभी कहीं नहीं जाती यह आदत.. सीमा  22,8,26 3उदास  आज मन उदास है तो रहने दो, हर बात को समझना ज़रूरी नहीं, कभी-कभी बस यूँ ही तुम्हारा ख्याल आना  और हमेशा रहना प्रेम ही तो है..
 तेरे नाम की रोशनी से दिल रोशन है, तेरे नाम से ही मेरी हर सुबह रोशन है। तेरे नाम लिख दी है ये ज़िंदगी, तेरे नाम से ही मेरा हर अफसाना रोशन है... सीमा असीम  १८, 8, २६ 
 दिल एक मंदिर है और तुम उसमें रहते हो, हम तो बस तुम्हारी पूजा करते हैं। तुम बसे हो साँसों में इस तरह, हर धड़कन में सिर्फ तुम ही तुम रहते हो। प्यार हमारा अमर है, ये तो तय है, हम तो हर जन्म बस तुम्हारे ही रहते हैं सीमा असीम  16,8,26
  मैं हूँ यहाँ पर, तुम हो वहाँ पर, बीच में ये सावन की दीवार है  मैं मेहंदी लगाए बैठी हूँ, तुम यादों में उलझे बैठे हो, मैं तीज गा रही हूँ, तुम किस ख्याल में बैठे हो? आ जाओ न, ये दूरी सही नहीं जाती है  मुझे तो अब ये जुदाई बहुत रुलाती है  सावन की ऋतु यूँ ही न चली जाये  तेरी याद बेतरहा मुझे सताती है.. सीमा असीम  15,8,26
 तीज का त्यौहार आया, सखी, साजन का पैगाम लाया। हरी-हरी चूड़ियाँ खनकी, मेहंदी से गोरी हथेली महकी, झूले पड़े नीम की डाली पर, गोरी झूले, गीत गाए मतवाली पर। सावन ने भी चूनर ओढ़ी, बादलों ने भी बिंदिया जोड़ी, धरती दुल्हन सी सजी है आज, देखो तीज का कितना है नाज़।
  ना याद रहा कहाँ रखा काजल, ना याद रहा किससे क्या बोला, रसोई में नमक की जगह चीनी डाल दी, और हँस कर खुद से ही बोली - ये क्या कर दिया! आईना देखूं तो तू दिखे, ख्वाब देखूं तो तू दिखे, लोग कहते हैं खोई-खोई रहती हूँ, मैं कहती हूँ - हाँ, तुम्हीं में तो खोई रहती हूँ। जबसे इश्क हुआ तुमसे, मैं मैं न रही, बस तेरी हो गयी। सीमा असीम  14,8,26
 इश्क मेरा रूहानी इश्क मेरा रूहानी है, न छूने का, न पाने का। न लिपस्टिक के रंग में है, न ज़ुल्फों के ढंग में है, ये तो उस एक नज़र में है, जो तुमने चुपके से देखी थी। ये जिस्मों का सौदा नहीं, ये दिलों का वादा नहीं, ये तो रूह से रूह के मिलने की एक सादी सी कहानी है। तुम पास हो तो सुकून है, तुम दूर हो तो भी जूनून है, इश्क मेरा रूहानी है, हर साँस में बस तू ही तू है। सीमा असीम  14,8,26