Posts

 मौसमों का अब मेरे मन पर कोई असर नहीं होता है  मेरा मन तो बस एक मौसम में ही खोया रहता है   सावन के अंधे को दिखती है हरियाली चारो तरफ  प्रेम में डूबा हुआ मेरा मन प्रेम में ही रमा रहता है   बड़े नादा है जो उठा देते हैं उंगली सामने वाले की तरह  समझते ही नहीं है कि उठी है तीन उंगलियां मेरी तरफ  सीमा असीम  24,9,24

प्रेम है मुझे...

 जब होती बार बार बारिश तो  भीगे हुए फूलों को देखते हुए  हरियाली के पास से गुजरते हुए  अक्सर यही तो सोचती हूं मैं  यूं ही नहीं होती है यह बारिश   कहीं तुम मुझे याद करके रोते हो   करते होंगे गुहार आसमा से और  बादलों के संग बरस पढ़ते होंगे   तभी तो मुस्कुरा देता है मेरा भी मन कभी-कभी   रुक जाए बारिश और तुम भी मुस्कुरा दो   पोंछ कर अपनी नम आंखों को ख़ुश हो जाओ  कि जरूरी है इस अहसास को महसूस करना  जीने के लिए अपनी भावनाओं को कहना  नहीं तो घुट जाओगे मन ही मन  कोई नहीं समझेगा तुम्हे  न तुम्हारे जज्बातो को  कहो और कहते रहो  कि प्रेम है मुझे  हाँ प्रेम है मुझे  तुमसे ही सिर्फ  तुमसे ही..... सीमा असीम  18,9,24

जिस तरह तैरती हैं पानी में....

 जिस तरह से तैरती है पानी में मछलियां   ठीक उस तरह से तुम मेरी आंखों में तैरते हो   याद ना करना चाहूं तो भी तुम   हर वक्त मेरी यादों में रहते हो   यूँ कम तो नहीं हैं मेरी भरी भरी आंखें  किसी नदी से   जहां तुम दिन रात अठखेलिया करते हो   आ जाओ कभी तो रूबरू मेरे सपनों के  राजकुमार की तरह घोड़े पर सवार होकर   या कभी चले आओ यूँ ही चहलकदमी करते हुए   और मेरी पलकों पर हाथ रख दो   अगर घबरा जाऊं मैं तो समेट लो मुझे अपनी बाहों में  और मुझे अपने प्रेम से तर बतर कर दो   यह सब ख्याल यूं ही तो नहीं आते मेरे मन में  गूंजती है कोई सदा ब्रह्मांड में   तो जोड़ देती है हमें आपस में   और यू शब्द उतर जाते हैं  कागज पर.... सीमा असीम  17,9,24

जाने क्या क्या करते होंगे

 जब तुम मुझे याद करते होंगे ना जाने क्या-क्या सोचते होंगे या कभी मुस्कुरा देते होंगे या कभी रो देते होंगे   सबसे छुपा कर पोछ लेते होंगे अपनी नम ऑंखें और अपनी मुस्कान को सबके पास बिखेर देते होंगे   न जाने तुम क्या करते होंगे जब तुम मुझे याद करते होंगे  गुजरे लम्हों की एकएक बात को किसी फिल्म की मानिंद देखते होंगे या किसी किताब के पन्ने पलटते हुए पढ़ते होंगे   जब तुम मुझे याद करते होंगे ना जाने क्या क्या करते होंगे   जब होते होंगे अकेले तो आंखों से आंसू किसी बारिश की मानिंद झरते होंगे या सावन की रिमझिम रिमझिम फुहारों से बरसते होंगे   सब कुछ कहने को दीवार से सट कर बैठते होंगे तुम ना जाने दीवारों से कैसे बातें करते होंगे ना जाने क्या क्या करते होंगे  यादों के झुरमुट से गुजरते हुए तुम मुझे शीतल साया सा अनुभूत करते होंगे  न जाने क्या क्या करते होंगे.... सीमा असीम  15,9,24

आशीर्वाद

 कितनी खूबसूरत अच्छी हवा चल रही है  एकदम से मधुर मधुर बयार  मन को शीतलता देती हुई  ऐसा लग रहा है मानो हमें खुशी के पंख लग गये हैं और  हमारा मन उड़ाता चला जा रहा है  एक बात तो है जब हम बहुत खुश होते हैं तो  ईश्वर का आशीर्वाद हमारे साथ होता है लेकिन  ईश्वर का आशीर्वाद भी तभी मिलता है  जब हमारे अच्छे दिन आने वाले होते हैं और  जब हमारे अच्छे दिन आने वाले होते हैं  तो हमारे चेहरे पर अनायास ऐसे ही  मुस्कान चली आती है   बिना किसी वजह के  बिना किसी बात के हम मुस्कुरा देते हैं  और कहते भी है ना  मुस्कान हमारे चेहरे पर ईश्वर का आशीर्वाद होता है 🥰 सीमा असीम  5,6,24
 रतन ने फोन किया बट फोन तो उठा नहीं बस स्विच ऑफ कर बता दिया वह परेशान हुआ और उसने दोबारा से फोन ट्राई किया फिर वही आवाज हरि क्या हुआ उसने अपना सोच ऑफ कर दिया फोन क्यों किया उसने फोन नंबर अपना बंद क्यों कर दिया क्या वह ठीक नहीं है या वह और ज्यादा बीमार हो गई या कुछ और हो गया उसको आने को सवाल जवाब उसके दिलों दिमाग में घूमने लगे उसने सोचा क्या किया जाए उसके पास तो कोई तरीका भी नहीं था जिससे कि वह इशा से बात कर पाए या किसी के द्वारा उसको मैसेज कर पाए यह भी तो संभव नहीं था क्योंकि कोई लिंक भी नहीं रहा था उसे ख्याल आया कि हो सकता है उसे लड़की का नंबर हो उसके पास इसके रूम का एड्रेस उसके मम्मी पापा को दिया था और वह छोड़कर चली गई थी जब शादी की वजह करने के लिए तभी उसने अपना मोबाइल उठाया और सच करना शुरू कर दिया शायद उसका नंबर मिल जाए रत्न उसका नाम नाम शायद निधि था हां निधि नाम था उसका उसने अल्फाबेट में जाकर नंबर शुरू कर दिए लेकिन नंबर ही नहीं मिला निधि निधि नाम से तो कोई नंबर ही नहीं है शायद उसने ईशा की फ्रेंड के नाम से नंबर सेव किया हो हां यह हो सकता है उसे ऐसा डाला उसकी बहुत सारी फ्रेंड्स क...