जाने क्या क्या करते होंगे
जब तुम मुझे याद करते होंगे ना जाने क्या-क्या सोचते होंगे या कभी मुस्कुरा देते होंगे या कभी रो देते होंगे
सबसे छुपा कर पोछ लेते होंगे अपनी नम ऑंखें और अपनी मुस्कान को सबके पास बिखेर देते होंगे
न जाने तुम क्या करते होंगे जब तुम मुझे याद करते होंगे
गुजरे लम्हों की एकएक बात को किसी फिल्म की मानिंद देखते होंगे या किसी किताब के पन्ने पलटते हुए पढ़ते होंगे
जब तुम मुझे याद करते होंगे ना जाने क्या क्या करते होंगे
जब होते होंगे अकेले तो आंखों से आंसू किसी बारिश की मानिंद झरते होंगे या सावन की रिमझिम रिमझिम फुहारों से बरसते होंगे
सब कुछ कहने को दीवार से सट कर बैठते होंगे तुम ना जाने दीवारों से कैसे बातें करते होंगे ना जाने क्या क्या करते होंगे
यादों के झुरमुट से गुजरते हुए तुम मुझे शीतल साया सा अनुभूत करते होंगे
न जाने क्या क्या करते होंगे....
सीमा असीम
15,9,24
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