रतन ने फोन किया बट फोन तो उठा नहीं बस स्विच ऑफ कर बता दिया वह परेशान हुआ और उसने दोबारा से फोन ट्राई किया फिर वही आवाज हरि क्या हुआ उसने अपना सोच ऑफ कर दिया फोन क्यों किया उसने फोन नंबर अपना बंद क्यों कर दिया क्या वह ठीक नहीं है या वह और ज्यादा बीमार हो गई या कुछ और हो गया उसको आने को सवाल जवाब उसके दिलों दिमाग में घूमने लगे उसने सोचा क्या किया जाए उसके पास तो कोई तरीका भी नहीं था जिससे कि वह इशा से बात कर पाए या किसी के द्वारा उसको मैसेज कर पाए यह भी तो संभव नहीं था क्योंकि कोई लिंक भी नहीं रहा था उसे ख्याल आया कि हो सकता है उसे लड़की का नंबर हो उसके पास इसके रूम का एड्रेस उसके मम्मी पापा को दिया था और वह छोड़कर चली गई थी जब शादी की वजह करने के लिए तभी उसने अपना मोबाइल उठाया और सच करना शुरू कर दिया शायद उसका नंबर मिल जाए रत्न उसका नाम नाम शायद निधि था हां निधि नाम था उसका उसने अल्फाबेट में जाकर नंबर शुरू कर दिए लेकिन नंबर ही नहीं मिला निधि निधि नाम से तो कोई नंबर ही नहीं है शायद उसने ईशा की फ्रेंड के नाम से नंबर सेव किया हो हां यह हो सकता है उसे ऐसा डाला उसकी बहुत सारी फ्रेंड्स के नंबर निकाल कर आगे परेशान हो रहा था उसे नंबर मिला एक नंबर को कॉल करो पर कॉल का बटन दबा दिया काफी देर तक बेल जाती रही फोन काटने ही वाला था कि उधर से किसी ने फोन उठा लिया कोई लड़का बोल रहा था हेलो आपको किस बात करनी है जी जी मैं रतन बोल रहा हूं बेंगलुरु से मैं ईशा के बारे में जानना चाहता था कि तुम ईशा के फ्रेंड हो ना मुझे बताओ कहां है ईशा तुम कौन हो ईशा के मैं ईशा का फ्रेंड हूं मैं भी ईशा का ही एक अच्छा दोस्त हूं अच्छा आप भी ईशा के दोस्त हैं जीजी जी हां अच्छा तो फिर आप उसके दोस्त है तो आपको कुछ खोज खबर नहीं है उसकी क्या आप मैं भी उसका दोस्त हूं तो मैं कैसे उसकी खबर रख सकता हूं वह मैं इधर बेंगलुरु चला आया था जब की वजह से आप तो शायद उधर ही है अगर आप बता देंगे तो अच्छा रहेगा नहीं रतन जी मुझे ईशा के बारे में कोई खबर नहीं उसने बड़े रूखेपन से जवाब दिया और फोन काट दिया अरे पड़ा बदतमीज इंसान है कौन था जाने कौन था ही होगा होने दो जो भी हो अब वह दूसरा नंबर ट्राई करता है शायद वह नंबर मिल जाए उसे दोबारा उसका नंबर को फोन मिलाया तो उधर से एक लड़की बोले आप कौन मैं रतन बोल रहा हूं बेंगलुरु से अच्छा-अच्छा उषा के दोस्त जी हमें ईशा का दोस्त आप आपको मैं निधि मैं उसकी क्लासमेट देना और ऑफिस में ही साथ ही काम करते थे और मैं निधि बोल रही हूं अच्छा-अच्छा निधि निधि मैं आपको ही सर्च कर रहा था लेकिन मेरे पास नंबर नहीं था थैंक गॉड आपका नंबर मिल गया कहते ना ढूंढने से तो इसे भी मिल जाता है और आप मुझे मिल गई आप कैसी हैं और कहां है आपकी तो शादी हो गई थी ना जीजी हां जी मेरी शादी हो गई क्या आपको ईशा के बारे में कुछ पता है नहीं नहीं मुझे कुछ नहीं पता मैं तो शादी करके इंडिया से बाहर चली गई हो ना सिंगापुर में हूं आजकल तो मुझे कैसे पता होगा ईशा के बारे में आप तो उसके बहुत अच्छे दोस्त थे कि आपको कुछ नहीं पता
मुझे पता है सब कुछ लेकिन मैं आज से बात करना चाहता था पर उसे उनका नंबर नहीं लग रहा स्विच ऑफ बता रहा है
क्या आप उसके घर में किसी और का नंबर नहीं जानते हैं
नहीं अगर किसी और का नंबर पता होगा तो मैं आपको परेशान ही नहीं करता मैं उसे नंबर पर ट्राई करता हूं क्या आपके पास है किसी और का नंबर उसकी मम्मी बहन भाई पापा
हां मेरे पास उसके पापा का नंबर है और किसी का नहीं
क्या आप हमें उसका पापा का नंबर दे देंगे
हां क्यों नहीं दे दूंगी
निधि प्लीज आप एक बार उसके पापा को फोन करके पूछ लो ना ईशा कैसी है और वह सही है या कोई और प्रॉब्लम होगा
लेकिन रतन में अभी कॉल नहीं कर सकती है मैं तुम्हारा अननोन नंबर देखकर उठा लिया था कि ना जाने किसका नंबर होगा अभी आजकल मैं इंडिया में आई हुई हूं ना वरना अगर आप में सिंगापुर में होती तो आप मेरा नंबर उठा ही नहीं पाते मुझे मैं आपका नंबर पर बात ही नहीं कर पाती क्योंकि वहां तो नंबर मिलता ही नहीं क्योंकि आपको
हां यह बात तो सही है लेकिन आप कर लो ना एक बार देख लो मेरे कहने से प्लीज
अच्छा ठीक है मैं देखती हूं मैं थोड़ी देर में बात करके फिर आपको बताती हूं जैसा भी होता है
थैंक यू थैंक यू थैंक यू सो मच निधि मुझे तुमसे यही उम्मीद थी कि तुम मेरी हेल्प जरूर करोगी मैं बहुत परेशान हूं मैं किसी से कुछ कह भी नहीं सकता किसी को कुछ बात भी नहीं सकता बहुत उलझन में हूं तुम मेरी मदद करो पता करो इशा कहां है कैसी है अब क्या हाल है उसका
अरे अरे आप इतना क्यों परेशान हो रहे हैं मैं बात करती हूं ना मैं जैसा भी होगा मैं तुम्हें बता दूंगी और अब तुम बेफिक्र हो जाओ मैं तुम्हें थोड़ी ही देर में कॉल करती हूं
जी ठीक है मैं तुम्हारे फोन का इंतजार करूंगा
मैं तुझे कभी याद नहीं करना चाहती
तू बसा है मेरी सांसों में
हर पल हर छन आता है मुझे
बिना सोचे बिना कहे तू जुबान पर चला आता है और मैं तुझे आवाज लगने लगती हूं फिर मैं तुझे अच्छा सोच ही नहीं पाती तेरे लिए मेरे मन में सिर्फ गाली आती है और मैं कहती हूं क्यों याद आता है तुम मुझे क्यों मेरी जुबान पर आता है हर पल किस लिए तुम मुझे दुख के सागर में गोते लगवाता है मैं तो तुझे कभी किसी भी वक्त ना नाम लेना चाहती हूं तेरा और ना तुझे याद करना चाहती हूं क्योंकि तुमने मुझे दिया ही क्या है सिर्फ दुख तकलीफ और दर्द के मेरा सब कुछ तो ले लिया है तूने तन मन और धन
तुम मुझे कुछ लौट भी क्या सकता है तेरी ऐसी औकात भी नहीं है मैं तुझे बहुत सारी गालियां देना चाहती हूं ना जाने क्यों मेरे मन में तेरे लिए बहुत गुस्सा है बहुत ज्यादा गुस्सा और इस वजह से मैं बीमार हूं हर समय बीमार हूं सिर्फ तेरे कारण मुझे पूरी दुनिया खराब लगती है बेकार लगती है और मेरे दिल में किसी के लिए भी जरा सा भी प्यार नहीं बनता जरा सा भी प्यार नहीं उमरता क्यों किया तूने ऐसा किसलिए किया
तुझे किसने हक दिया था तुझे अपनी करने की सजा मिलेगी जरूर जरूर मिलेगी यह मेरा वादा है देख तू याद रख कभी भी तू भी रोयेगा सौ सौ आंसुओं से और भगवान के घर में देर तो जरूर है लेकिन अंधेर नहीं यह कहावत तो तूने जरूर सुनी हुई होगी
अब तू बस इंतजार कर उस वक्त का जब तेरे बाप का घड़ा फूटेगा और तुझे वह सजा मिलेगी जिससे तेरी रूह तक काँप जाएगी...
2,8,24
शुक्रवार
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