करीब 6 महीने से घर से बाहर हम लोगों झाँके नहीं थे. कभी लॉकडाउन कभी कोरोनावायरस और कभी लहर बस इन्हीं सब चीजों के बीच झूल रहे थे और डिप्रेशन का शिकार हो रहे थे घर से बाहर निकल पाना भी एक बहुत बड़ी त्रासदी है एक ही कमरे में बैठे गाना तेरा ना सोचते रहना न जाने कितने बुरे बुरे ख्याल आगमन को परेशान करते रहते हैं थोड़ी देर को घर घर से बाहर जाने को मिले थे शायद ना कर दो पेशंट कम हो जाए ऐसा यह सोचते सोचते कितना दिन निकल गए थे आखिर हम लोगों ने करीब 10 महीने के बाद एक प्लान बना लिया घूमने का
हमारा पसंदीदा प्रदेश हिमाचल प्रदेश यह पिक अभी कहीं घूमने जाने का प्लान बनता तो हम लोग हिमाचल प्रदेश जाने का ही प्लान बनाते हैं कि वहां की हरियाली वहां की वादियां और वहां की हवाएं शुद्ध हो मतलब तुम होती और मन को तरोताजा भी करती और फिर ऐसे माहौल से निकल कर जा रहे थे तब तो फ्रेश एयर में जाने के लिए सबसे अच्छा जगह अगर कोई है तो हिमाचल प्रदेश ही लगी मुझे
हालांकि हम लोग उत्तराखंड भी जा सकते थे घर के करीब भी है उत्तराखंड लेकिन वहां पर आईटी पीएसी की रिपोर्ट लेकर जानी थी और भी बहुत सारे झंझट है जबकि हिमाचल में लोगों का आना जाना शुरू कर दिया था केवल आपके पास मैसेज ऐसन का कार्ड होना जरूरी था वह मेरा वैसे जैसन हो चुका था तो कोई डर भी नहीं था और हमारे साथी जिनका भी वैक्सीनेशन हो चुका था तो बिंदास हिमाचल की तरफ जाने का प्लान करके घर से निकलती है
हम लोग दिल्ली से निकले करीब हम लोगों को 20 घंटे का सफर करना था जो 1 दिन में पूरा नहीं हो सकता था इसलिए थोड़ा थोड़ा करके इसे पूरा करना था पहाड़ी रास्तों पर तो वैसे भी कितनी भी स्पीड बढ़ आओगे आप 25 से ऊपर चाहिए नहीं 40 से ऊपर तो जा ही नहीं सकते और मुसली 25 पर ही चलानी पड़ती है गाड़ी
मैदानी इलाकों में तो गाड़ी बहुत अच्छी स्पीड में निकलती चली गई लेकिन जैसे ही पहाड़ी इलाके आए हमारी गाड़ी की रफ्तार धीमी हो गई हम लोग भी गए थे और हम लोग चाहते थे कि थोड़ी देर कहीं पर रेस्ट कर ले ऐसा सोचकर वहीं पर एक रेस्टोरेंट के पास में गाड़ी पार की वहां पर में रेस्टोरेंट में हम लोगों ने सैंडविच और चाय खाए पिए और थोड़ी सी नमकीन के पैकेट गाड़ी में रखें और आगे के लिए निकल लिए हम लोगों की गाड़ी में पेट्रोल तो था लेकिन सोचा था कि पूरा फुल हिमाचल में जाकर करा लेंगे वहां पर पता चला था कि वहां सस्ता है पेट्रोल लेकिन जब हम यहां पर पेट्रोल डलवाया तो कोई व्यवस्था नहीं था उतने ही पैसे का पेट्रोल था जो दिल्ली में रह था उसी रेट पर हिमाचल नहीं मिला खैर चलते चलते चलते हम लोग बिलासपुर तक पहुंच गए थे आराम चाहते थे जितनी दूरी हम आज तय कर सके उतनी ही जल्दी हम लाहौल स्पीति जिस पर पहुंच सकते हैं
फिर सुंदरनगर आने से पहले ही एक और सुंदर सा होटल दिखाई दिया उन लोगों ने वहीं पर अपना डेरा जमाया और रात काटने के लिए एक रूम ले लिया थोड़ा बहुत खाना पीना खाया होटल में और थकान इतनी ज्यादा हो रही थी किस्मत का राधा पैलेस सो जाए और सो गया जिससे सुबह जल्दी उठ सके और आगे की यात्रा पूरी करने के लिए निकल पड़े थकान बहुत हुई तो गई थी इसलिए नींद भी बहुत अच्छी आई सुबह आंख समय पर खुल गई लेकिन हम लोग नाश्ता करके ही यहां से निकलना चाहते थे और नाश्ता 9:00 बजे से पहले तो मिलना नहीं था तो 9:00 बजे तक बिस्तर पर ही लेटे हैं एक एक कप चाय हम लोगों ने रूम में ही आर्डर करके मंगवा ली थी
ठीक 9:15 बजे मित्र ने हमें बताया कि नाश्ता रहती है जो हम लोग जाकर टाइमिंग एरिया में अपना आलू का पराठा दही अचार चाय पीकर तैयार होकर गाड़ी में बैठ गए फिर हम अपने सफर पर चल दिए थे आज भी 10 घंटे का कम से कम सफर करना था बहुत सुंदर इलाके रास्ते में पढ़ते जा रहे थे सारे सुंदरनगर इतना प्यारा फिर उसके बाद मंडी कुल्लू मनाली सारे बहुत ही सुंदर सुंदर शहर लेकिन हमें यहां रुकता नहीं था हम बाईपास से होते हुए ले की तरफ वाले रोड पर चल दिए
हमारी गाड़ी की स्पीड बहुत साल की थी लेकिन हमें पूछने की बहुत जल्दी हो रही थी कि जिससे समय पर पहुंच जाएंगे तो वहां पर पहुंचकर वहां का आनंद ले सकेंगे हम लोगों को हर हाल में
जिसका आज शाम को 5:00 बजे से पहले पहुंचना था
खेर चलते ही जा रहे थे चलते ही जा रहे थे इसमें कहीं पर भी नहीं रुके चाय के लिए भी नहीं खाने के लिए भी नहीं सीधे बस हम लोग का मेल था कि हम जिस पर पहुंच जाए शाम को करीब 6:30 बजे हम जिस पर पहुंच गए यहां पर पहुंचते ही वहां के जो ऑनर से उन्होंने हमें बहुत रेस्पेक्ट के साथ फुल देखा और अपनी कार से हमें और असामान्य करवा कर एक जगह पर रखवा दिया सारे टेंट फुल हो रहे थे कोई ट्रेन में जगह नहीं थी कि हम लोग को तो टेंट में ही रहना था आज की रात किसी तरह से काटने चाहिए इतना खूबसूरती से भरा हुआ मैंने आज तक कोई इतनी प्यारी जगह नहीं देखी थी एक तरफ होना चाहिए इतना पतला सरदार काला रोड सामने को नदी बहती हुई उसके आगे पहाड़ और इधर टेंट लगे हुए टेंट के पीछे पहाड़ बहुत ही प्यारा एरिया बहुत प्यारी जगह और मन कर रहा था कि ऐसी जगह हमें शायद कभी देखने को ना मिलेगी इससे ज्यादा सुंदर नहीं हो सकता
आज तो थकान हो रही थी तो खाना खाने के लिए हम लोग डायनिंग एरिया में आए जहां पर वह फिर सिस्टम था सब लोगों को अपनी पसंद का खाना खाना था जो जैसे जितना खाना है वह अपने आप से लगा ले रहा था अपनी प्लेट में वहां पर नॉनवेज और वेज दोनों तरह का खाना था हम लोग नॉनवेजिटेरियन नहीं थे हम लोग को बेच खाना था इसलिए जो भी सब्जी भेज में बनी थी दाल मखानी और पनीर वहीं ले ली और दो रोटी लेकर एक तरफ को बैठकर खाना खा लिया
इतनी प्यारी जगह जाने तक के लिए कितनी थकान हो गई थी हमारे साथी जो कार चला रहे थे उनकी कार चलाते सलाला हालत खराब हो चुकी थी और वह थकान से भरे हुए थे उसमें सोना चाहते थे तो वह आराम से खाना खाकर जाकर बैठ कर सो गए हालांकि मैं कार में बैठी हुई थी लेकिन थकान तो मुझे भी हो रही थी फिर भी मैं पास वाले टैंट के मुंह में से आवाज आ रही थी तो मैं उनका आकर खड़ी हो गई जब और बहुत ठंडा मौसम हो रहा था बहुत ठंडी हवाएं चल रही थी लेकिन हमारी बड़ी प्यारी सी थी और वह गुजरात से आई मेरी मुझसे बात करने लगे और मैं भी उनसे बात करने लगे अच्छा लगता है जब हमारे हम कहीं घूमने जा रहे होते हैं और वहां पर कोई ऐसा ही मिल जाए व्यक्ति जो हमारे शौक को समझता हूं वह भी उसी शौक को पूरा करने के लिए आया हूं एक ही विचार हो तो मन लगता है बात करने का ऑफिस से बात करके अच्छा भी लगता है अपने साथी से हम कितनी बात करते हैं कोई कनेक्शन नहीं था ना हम घर से बात कर सकते थे हम घर से अंदर फोन कर सकते थे ना कॉल कर सकते थे और ना ही मैसेज कर सकते थे और ना नेट चला सकते थे बीएसएनएल एयरटेल आइडिया कोई भी सिम नहीं चल रहा है यहां पर सिर्फ जिओ चल रहा था वह भी अगर आपके पास पोस्ट पर रहते हैं तो तो नहीं च
बातें करते करते ही उनसे उनका इंटरनेट का वाईफाई मांग लिया उन्होंने हॉटस्पॉट ऑन करके अपना नेट कनेक्शन दे दिया उनके पास तो नहीं था लेकिन उनके पति का नहीं चल रहा था नेट जिओ का था तो उसे उनके नेट से फोन में नेट कनेक्ट किया वाईफाई और अपने घर पर फोन मिला कर बात की ताकि वह लोग परेशान ना हो कि हम सही सलामत अपने घर पहुंच गए
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