देशभक्ति, तिरंगा और आजादी

एक बार फिर से हम सब वो मंजर याद करते हैं

दिल में जली ज्वाला शहीदों के वो याद करते हैं

गुलामी की डूबी  नैया आजादी पा लगी किनारे से

देशभक्तों की बही खून की धाराओं को याद करते हैं !!

 भारत वर्ष में  रहने वाले हर एक भारतवासी के लिए अपना देश सबसे पहले नम्बर पर होना चाहिए ! हमारा देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है,और यहां की संस्कृति और सभ्यता हमें दुनिया में सबसे उत्कृष्ट बनाती है इसलिए हमें इसकों नमन करना चाहिए!  स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर हमें राष्ट्र निर्माण, देश के विकास और सम्मान बनाए रखने के हर संभव प्रयास भी करना चाहिए !  स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर सभी देशवासियों को गर्व का अनुभव होना चाहिए कि हम जिस देश आजाद देश में रह रहे हैं खुल कर जी रहे हैं और गुलामी को दूर कर चुके हैं लेकिन इस आजादी को पाने के लिए सेकड़ों वर्षों तक न जाने कितने ही लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है ताकि हमारी आने वाली संतति इस गुलामी के दंश को न झेले ! यह दिन हम सभी के लिए सबसे ज्यादा  खास है ! इन कुर्बानियों की बदौलत ही हमें ब्रिटिश शासन से सैकड़ों साल बाद आजादी मिली है !

आज जब हम अपने देश की आजादी की ७७बी वर्षगांठ मना रहे है , आजाद देश में स्वांस लेते हुए तिरंगे को बड़ी शान से फहरा रहे हैं और गुलामी का हमें कोई अहसास तक नहीं है पर क्या हमें पता है की आज हम जिस तिरंगे की सकूँ भरी छांव में खड़े हैं वो हमे जीवन जीने के सही तरीके को भी सिखाता है, हमारे देश के तिरंगे में सबसे ऊपर दिखने वाला जो केसरिया रंग हैं वो देश की ताकत और साहस का प्रतीक है, उसके बाद  बीच में जो सफेद रंग हैं वो हमें शांति, सदभावना और हमारे देश या विश्व के सभी धर्मों का सम्मान करना सिखाता है और जो  तिरंगे के सबसे नीचे वाली  पट्टी पर जो हरा रंग हैं वो देश के विकास और समृध्दि का प्रतीक है ! हमारे देश के झंडे के बीच में जो अशोक चक्र बना है वो हमें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करता रहता है, हमारे भारत देश  की संस्कृति को हमारे तिरंगे में देखा जा सकता है! हमें  न सिर्फ तिरंगे को सम्मान से देखना चाहिए बल्कि इससे हमें सीखना भी है ! हम सब मिल कर पुरे जोश और जूनून के साथ बोले  “भारत माता की जय, जय हिंद, जय भारत!”

कभी न भूलेंगे उन वीरों को, उन भारतवासी को 

कोई हिन्दू, कोई सिख, कोई ईसाई, कोई मुस्लिम   

सबने मिलकर देश के दुश्मन को सीख सिखाई 

माओं ने अपने बेटे खोये, बहनों की राखी सूनी हुई

तब हमने यह सुंदर सुखद आजादी है पाई !!

 

सीमा असीम, बरेली



 

 

 

 


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