दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं जो कहते हैं वही करते हैं और जो नहीं कहते हैं वह नहीं करते लेकिन ऐसे भी लोग होते हैं जो कहते हैं वह कभी करते नहीं और जो करते हैं वह कभी करते नहीं ऐसे ही तो नहीं कहा जाता कथनी और करनी में अंतर
जहाँ प्रेम है वहाँ सुख है ख़ुशी है जहाँ सुख है ख़ुशी है वहाँ है प्रेम प्रेम क्षणभंगूर नहीं अनंत काल की यात्रा है एक जीवन में कहाँ पूरा होता है प्रेम न जाने कैसे कर लेते हैं लोग छोटे से जीवन में किसी से घृणा प्रेम नफ़रत और जरा देर में बदल लेते हैं अपनी भावनाओं को वो कब समझेंगे क्या होता है प्रेम न कहने से न सुनने से अहसासों की भाषा है यह आत्मा से आत्मा का मिलना है प्रेम फूल इंद्रधनुष बारिश ओस देख मुस्कुरा देता है मन भोला भोला मासूमियत से भरा होता है प्रेम प्रेम करते हैं सभी जीवन में एक बार जरूर जो निभा ले सच्चे मन से वहां ईश्वर बन जाता है प्रेम!! सीमा असीम
तन के बंधन तो तोड़े जा सकते हैं पर मन के बंधन कोई कैसे तोड़ सकता है भला जो रिश्ते आत्मा से जुड़ जाते है उन पर जन्म या मृत्यु का कोई प्रभाव कहां पड़ता है जोड़े है हमने आपस में आत्मा से आत्मा के तार एक तार खींचता है तो दूसरे को महसूस होता है दूसरा अगर जोर से खींचता है तो पहला दर्द से भर जाता है आत्मा का बंधन है हां सच्ची आत्मा का सच्चा बंधन.. असीम
ख्वाबों के लिए सोना जरूरी नहीं होता जरुरी होता है ख्वाब देखना कभी तुम्हें याद करना जी भर रोना लेकिन नहीं अच्छा लगता मुझे रोना फिर क्यों उदास हो जाती हूं रोने लग जाती हूं किया करो ना बात तुम हमसे हर एक बात मुझसे अच्छा लगता है ना बात करना मन की कहना हल्का सा मन हल्का हल्का सा भारी भारी पल में जीना मुश्किल लगता है जीना भी अच्छा नहीं लगता तुम बिन
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