यह जीवन है इस जीवन में अनेक तरह के लोग मिलेंगे लेकिन हम तो एक ही है ना तो हमें बस अपने आपको अपने जैसे बना कर रखना है किसी अन्य की तरह बनने से कोई फायदा कहां होता है सिवाय तकलीफ के
चांद को देखना एक तक देखते जाना घटते बढ़ते और 16 कलाओं से परिपूर्ण होते जाना कितना सरल है ना चांद को देखना चांद की पवित्र चांदी में नहाई धरती पर अपनी परछाई को पकड़ने की कोशिश करना छोटी बड़ी आड़ी तिरछी लंबी नाटी परछाई को पकड़ कर अपने गले से लगाने की कोशिश करना सरल है ना परछाई को नापना इतना ही सरल तो है बस तुम्हें पढ़ना और सिलसिलेवार लिखते चले जाना चाँद का आसमां में मुस्कुराना सीमा असीम 23,2,21
Comments
Post a Comment