तू क्या जाने भला, तू कैसे समझेगा भला तू तो स्वार्थ में भरा हुआ एक स्वार्थी  इंसान है जिसे दिखाई देती है सिर्फ अपनी खुशी दूसरे को दर्द देने के बाद तू और खुश होता है.... अब तू मौत को तरसे इतना जये कि धरती त्राहि त्राहि कर उठे 

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