दगाबाज

 जो दगाबाज होता है

 कई रूप रखता है

 असली चेहरा कभी नजर नहीं आता

कई चेहरों के पीछे कहीं थोड़ा बहुत होता है

वो खुद ही खुद को नहीं समझ पाता है

इस कदर दगाबाज होता है

खूब करता है वो चालाकियाँ

खूब लूटता है वो कमजोर को

और वो मजबूत से डरता भी है

उसके आगे झुक भी जाता है

पर याद रखना ओ दगाबाज

एक कमजोर की आह सात आसमान चीर जाती है

उसकी आह कभी खाली नहीं जाती है

वो दर्द से तङप जाता है

दग़ाबाजी की चाल से

रो पड़ता है

आँसू नहीं सूखते कभी उसके

रात दिन रोता है

तड़पता है

आहें भरता है

दुखी होकर बद्दुआ देता है

सुन खोखले इंसान तू

एक कमजोर की गाली

ईश्वर को भी हिला देती है

जब वो दुखी होकर पुकारता है

कभी पुकार खाली नहीं जाती

तू सुन दगाबाज

तेरा अंजाम भी बहुत बुरा होगा

तू इतना रोयेगा

तड़पेगा

पैरों में गिरकर गिड़गिड़ायेगा

फिर भी तू सकूं नहीं पायेगा

तुझे तेरी करनी का फल मिलेगा

जरूर मिलेगा

याद रख

देर जरूर है पर अंधेर नहीं है

जैसा किया है

वही मिलेगा तुझे ओ दगाबाज

असीम 

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