ख्वाब एक है
क्या तुम जानते हो
क्या तुम्हें पता है
जीने के लिए
अनेकों ख्वाबों की जरूरत नहीं होती
सिर्फ एक ख्वाब ही काफ़ी है
जैसे काफी एक ही ख्वाहिश
तुमसे मिलने की
तुमसे बातें करने की
और तुम्हें देखने की
हां मेरी एक ही ख्वाहिश है और एक ही ख्वाब
वह है तुम
हां तुम ही हो मेरी ख्वाहिश
तुम ही हो मेरा ख्वाब सिर्फ तुम
और कोई भी नहीं कभी भी नहीं
तुम्हारे सिवा
हाँ तुम...
सीमा असीम
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