मिलन में मन लगा हुआ था तो जरा सी टिक की आवाज से उसके वापस आने का भ्र्म हो रहा था, व्हाट्सप्प पर कोई मेसेज की आवाज सुनकर उसने झट से मैसेज बॉक्स खोला, परी मिलन का मैसेज नहीं उसके भाई का मैसेज था उसने भाई का मैसेज पढ़ आपकी समय निकलोगे वहां से बस भाई अभी थोड़ी देर में निकलने वाले रिप्लाई भी कर दिया, ठीक है समय पर पहुंच जाना अरे यार जिसके मैसेज का इंतजार था उसका तो आया नहीं भाई का आ गया, चलो कोई नहीं मत आने दो पार्किंग कर लेती हूं निकलना भी तो है, स्पार्क्स की घंटी बजी तो देखा मिलन का इमेज बहुत प्यारी कविता लिखी हुई थी जान मेरे संग संग चल आया था मैं अकेला नहीं आया, प्रेम प्रेम कभी एक तरफ होता ही नहीं है दोनों तरफ से ही होता है लेकिन प्रेम मिलकर भी बिछड़ जाता है और बिछड़ कर भी मिल जाता है,
मुस्कुराना
कितना अच्छा लगता है सुबह सुबह सूरज का निकलना पंछियों का चहकना फूलों का खिलना और रोशनी का बिखर जाना रात के अंधेरे को मिटाते हुए जब रोशनी होती है तो मन खुशी से प्रफुल्लित होता है बहुत अच्छा लगता है मुझे दुनिया को रोशनी में देखना मुझे नहीं पसंद अंधेरा नहीं पसंद मुझे मुरझाना नहीं पसंद मुझे रोशनी का कम हो जाना लेकिन सुनो इस सब से भी ज्यादा अच्छा लगता है मुझे तुम्हारा मुस्कुराना तुम्हारा मुझ से बतियाना....... सीमा असीम 3, 10, 20
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