हँस कर बोला करो
कुछ बताया करो
तुम मेरे हो न
हक़ जताया करो
बहुत खुशियाँ हैं
जिंदगी के दामन में
कभी मुझ पर लुटाया करो
हार क्या जीत क्या
मैं नहीं जानती
प्रेम की राह पर
साथ चलते जाया करो
चल रही आज देखो
कितनी प्यारी हवा
संग संग गुनगुनाया करो
मुस्कुराते बीत जाये यह उम्र
मुस्कुराने की वजह
बन जाया करो....
सीमा असीम
Comments
Post a Comment