मेरे हो
दिल रोता है तो रोने दो
आँखों से आँसू बहने दो
न करो गिला न शिकवा
शिकायत करो
बस मोहब्बत करो
सिर्फ मोहब्बत करो
तुम सच्चे हो तो मेरे हो
झूठे हो तो खुद के हो
मुझे सच रहना है आजीवन
मरना भी है अब सच रहकर
तुम मिलते हो तो अच्छा है
गर न भी मिले कोई फर्क नहीं
एक बात कहूँ तुमसे जाना
तुम भी कहाँ खुश होते होंगे
मुझे जरा सा दुःख देकर भी
दिल कहता है मेरा
इस छ्ल कपट की दुनिया में
एक तुम सच्चे हो
तुम मेरे हो
हाँ मेरे हो
सच में मेरे ही हो...
असीम
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