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         मुझे अपना तीसरा कहानी संग्रह आप लोगों के हाथों में सौपते हुए बेहद ख़ुशी का अनुभव हो रहा है ! कदम दर कदम चलते हुए ना जाने कैसे यहाँ तक का सफ़र तय कर लिया ! वैसे देखा जाये तो अगर हमारी नीयत साफ़ हो और रास्ता सीधा सच्चा हो तब सफ़र में रहकर भी सफ़र का पता ही नहीं चलता कि हम कितना सफ़र पूरा कर चुके, भले ही हमारे साथ कोई हो या न हो  !  यकीन मानों मेरे प्रिय पाठकों, मैंने अपने बुलंद हौसले के साथ बिन पंखों के सिर्फ एक उडान भर भरी थी, आसमां को छूने की, वैसे जीवन में बस एक उडान ही तो काफी होती है अंतरिक्ष, अनंत आकाश और ब्रह्मांड में बिचरने को, कई कई युगों तक !     इस संग्रह की मेरी हर कहानी या किस्सा को गड़ते हुए मैंने पूरी तरह उसमें डूबकर, उसे अपनी अंतरात्मा में आत्मसात करके, उसी को जीते हुए ढाल दिया है ! जैसे कोई चिड़िया अण्डों पर बैठकर उन्हें सेती है, ठीक वैसे ही मैंने इन कहानियों को जन्मा फिर अपनी ही आलोचनात्मक नजरों से सेते हुए इन्हें कागज पर उकेर दिया ताकि यह अपने पंख पसारकर क्षितिज तक हो आये, घूम आये सारा जहाँ और नभ को छू आये !  ह...

शब्द

 अब अगर ख़ुशी लिखी जाए  तो जरूरी तो नहीं कि  सुख में ही लिखी जाए  उदास चेहरे से या  निराशा में भी तो  ख़ुशी लिखी जा सकती है  ख़ुशी पर कोई कविता  ख़ुशी पर कोई कहानी या फिर  खुशी पर कोई गीत  हां यह अलग बात है कि  खुशी लिखते लिखते  सचमुच ही खुशी आ जाए  सुख जाए और  हताशा भरे पलों में चेहरे पर  प्यारी सी मुस्कुराहट खिल जाए कि  शब्द मात्र शब्द नहीं होते बल्कि  शब्दों के भी वजूद होते है  कहते भी तो हैं न कि शब्द ब्रह्म होते हैं और  यह बात अक्षरसा सत्य है या  फिर सत्य हो जाती है  चाहे शब्द बोले जाए या फिर शब्दों को लिखा जाए  है ना... सीमा 
 दो मैग्गी बनवा लेते हैं ना  तुम भी मैगी तो खाओगे  कितनी शीतल सुंदर तो हवा चल रही है और  इस पहाड़ी इलाके में अगर जाकर पहाड़ी मैगी नहीं खाई तो क्या फायदा  है ना  यार तू ऐसा कर और यह कहते कहते  नयी नवेळी सिंदूर सजी मांग को देखते हुए  माथे पर एक चुम्बन ले लिया वो शरमा गयी फिर मुस्कुराते हुए बोली क्या करते हो सब देख रहे हैं हमें यहाँ पर  यह पहाड़ यह वादियाँ यह घटाएं और... और कौन?  कोई नहीं, अच्छा चलो बताओ मैगी का आर्डर करूँ.. मुझे तो यहाँ पर बहुत अच्छा लग रहा है  सोचता हूँ मैं यहीं पर रह जाऊं  बात को घुमाओ मत, बोलो न, क्या खाना है? एक मैगी और एक भेलपुरी ले लेते हैं  पहाड़ और अपनी मुंबई की चौपाटी को मिक्स अप करके खाएंगे  क्या ही मजा आएगा  इस जन्नत में बैठकर खाने का. दीवानगी भरी नजरों से अपनी नव विवाहिता को देखते हुए कहा... कि अचानक से एक व्यक्ति आया  आते ही उसने एक सवाल दागा  सुनो कौन हो तुम  हिंदू या मुसलमान  हम हिंदुस्तान में रहते हैं  तो हिंदू हैं यह गर्व से कहते हैं  अच्छा तो तुम गोली ख...

कविता

 जब हम प्रेम को जी रहे होते हैं  तब हम प्रेम को लिख नहीं पाते हैं  और जब हम प्रेम को लिख रहे होते हैं  तब हम प्रेम को जी नहीं पाते कि  हम जिए हुए प्रेम को लिख सकते हैं  पर जब हम प्रेम में होते हैं  तो प्रेम को चाह कर भी नहीं लिख पाते.. सीमा 

कविता

 दुःख आपको तोड़ देते हैं  कहते हैं अक्सर यही सब लोग  नहीं ऐसा नहीं है  मेरा मानना है कि  दुख आपको जोड़ते हैं  खुद से  अपनों से  और ईश्वर से  सीमा 
 यूं ही अचानक  जब किसी से आपको मिलने को  बात करने को  दिल मचलने लगे  तो यकीनन वह भी आपको  ऐसे ही याद कर रहा होगा  ऐसे ही मिलने को  बात करने को  तङप रहा होगा  क्योंकि कहते भी है ना  दिल से दिल को राह होती है  और जब तार आत्मा की गहराई से जुड़े हो  तब तो यही सच होता है  तेरे बिना जिया जाये न.... सीमा 
 आज पूरा दिन घर में बैठे-बैठे मन बहुत उदास हो रहा था बच्चे भी सब चले गए दोनों बेटियां अपनी ससुराल और बेटा नौकरी पर आज चार दिनों से गया हुआ है मन नहीं लग रहा है घर में हालांकि आज तो शादी में भी जाना है इंजॉय करना है खूब सारे मेकअप लगा के नए-नए कपड़े पहन कर वहां पर सबसे मिलना जुलना होगा लेकिन चलो थोड़ी देर घूम आते हैं ऐसे चेहरे पर अलग सा गला आ जाएगा जो उदासी दिनभर घर में पड़े पड़े हो गई है ना वह काम हो जाएगी तो जब गला आएगा ना चेहरे पर बाहर निकाल कर टहल के आने के बाद उसे पर मेकअप किया जाएगा तो अलग ही सुंदरता दिखेगी ऐसा ही सोच कर वह अपने पति से होली चलो ना कहीं घूमता आते हैं थोड़ी देर कहां चलोगे अभी 1 घंटे बाद तो तैयार होकर शादी के लिए निकलना है कहां अभी कहां अभी तो 5:00 है और हम लोग 9:00 बजे से पहले कहां शादी में जाएंगे यह तो है लेकिन मेरा मन नहीं है तुम जाना चाहो तो तुम चली जाओ चलो अच्छा फिर मैं ही होकर आता हूं अक्सर अकेले ही तो चली जाती थी कभी ऐसा तो नहीं है इस साथ में ही जाना होता था और अक्सर अकेले निकल गई घूमने के लिए थोड़ी दूर खुली हवा में सांस ले आई बंद घर में घुटन भी तो हो जाती...