दो मैग्गी बनवा लेते हैं ना
तुम भी मैगी तो खाओगे
कितनी शीतल सुंदर तो हवा चल रही है और
इस पहाड़ी इलाके में अगर जाकर पहाड़ी मैगी नहीं खाई तो क्या फायदा
है ना
यार तू ऐसा कर और यह कहते कहते
नयी नवेळी सिंदूर सजी मांग को देखते हुए
माथे पर एक चुम्बन ले लिया
वो शरमा गयी फिर मुस्कुराते हुए बोली
क्या करते हो सब देख रहे हैं हमें यहाँ पर
यह पहाड़ यह वादियाँ यह घटाएं और...
और कौन?
कोई नहीं, अच्छा चलो बताओ मैगी का आर्डर करूँ..
मुझे तो यहाँ पर बहुत अच्छा लग रहा है
सोचता हूँ मैं यहीं पर रह जाऊं
बात को घुमाओ मत, बोलो न, क्या खाना है?
एक मैगी और एक भेलपुरी ले लेते हैं
पहाड़ और अपनी मुंबई की चौपाटी को मिक्स अप करके खाएंगे
क्या ही मजा आएगा
इस जन्नत में बैठकर खाने का.
दीवानगी भरी नजरों से अपनी नव विवाहिता को देखते हुए कहा...
कि अचानक से एक व्यक्ति आया
आते ही उसने एक सवाल दागा
सुनो कौन हो तुम
हिंदू या मुसलमान
हम हिंदुस्तान में रहते हैं
तो हिंदू हैं यह गर्व से कहते हैं
अच्छा तो तुम गोली खाओ
हिंदू होने का मज़ा उठाओ
पूरा भेजा उड़ गया
मेंहदी रचे हाथों में खून भर गया
आसमान में हाहाकार हो गया
उसकी मांग जो अभी सिंदूर से भरे हुए
कुछ दिन तो हुए थे और एक खूनी सिंदूर से
वो सिंदूर उजड़ गया
दर्द से तड़प उठा रोम रोम
कतरा कतरा भी घबरा गया
चीख पुकार रोना चिल्लाना
आसमान भी रो गया
क्या हो रहा है
क्या है यह
प्रेम की सजा
या
हिंदू होने पर
गर्व की सजा...
इस दुःख को देख जर्रा जर्रा
हाहाकार कर उठा
पहाड़ भी दरकते दरकते बचा..
और फिर शुरू हो गया आपरेशन
सिंदूर को उतारने वाले को
सिंदूर का कर्ज चुकाना होगा
पाई पाई को मोहताज कर
सिंदूर ही सिंदूर आसमान में उड़ा देना होगा
जब किसी एक औरत का सिंदूर उजाड़ा जाएगा
ऐसी आतंकवादी घटनाओं को अंजाम दिया जायेगा
उस देश को ही नेस्तनाबूत कर दिया जायेगा!
सीमा असीम
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