आज पूरा दिन घर में बैठे-बैठे मन बहुत उदास हो रहा था बच्चे भी सब चले गए दोनों बेटियां अपनी ससुराल और बेटा नौकरी पर आज चार दिनों से गया हुआ है मन नहीं लग रहा है घर में हालांकि आज तो शादी में भी जाना है इंजॉय करना है खूब सारे मेकअप लगा के नए-नए कपड़े पहन कर वहां पर सबसे मिलना जुलना होगा लेकिन चलो थोड़ी देर घूम आते हैं ऐसे चेहरे पर अलग सा गला आ जाएगा जो उदासी दिनभर घर में पड़े पड़े हो गई है ना वह काम हो जाएगी तो जब गला आएगा ना चेहरे पर बाहर निकाल कर टहल के आने के बाद उसे पर मेकअप किया जाएगा तो अलग ही सुंदरता दिखेगी ऐसा ही सोच कर वह अपने पति से होली चलो ना कहीं घूमता आते हैं थोड़ी देर कहां चलोगे अभी 1 घंटे बाद तो तैयार होकर शादी के लिए निकलना है कहां अभी कहां अभी तो 5:00 है और हम लोग 9:00 बजे से पहले कहां शादी में जाएंगे यह तो है लेकिन मेरा मन नहीं है तुम जाना चाहो तो तुम चली जाओ चलो अच्छा फिर मैं ही होकर आता हूं अक्सर अकेले ही तो चली जाती थी कभी ऐसा तो नहीं है इस साथ में ही जाना होता था और अक्सर अकेले निकल गई घूमने के लिए थोड़ी दूर खुली हवा में सांस ले आई बंद घर में घुटन भी तो हो जाती है पूरा घर बंद कोई बच्चों की किलकारी नहीं बच्चों का आना-जाना नहीं और बच्चे भी तो इतनी दूर-दूर की जल्दी देखने को भी नहीं मिलते हैं मन परेशान वैसे ही था बेटी की तबीयत की सुनकर और भी मन परेशान हो रहा था तो मैंने अच्छे से तैयार होकर नया सूट पहनकर और पर्स घड़ी मोबाइल सब लेकर इतराती हुई टहलने को चली पति से बोला अभी बस आ जाऊंगी 20 मिनट में फिर आकर तैयार होंगे फिर हम लोग चलेंगे शादी में वहां मजे करके आएंगे सबसे मिलना जुलना होगा अच्छा लगेगा ना हां हां ठीक है तुम जाओ जब तक मैं पेपर पढ़ लेता हूं आज दिन में मैं पेपर नहीं पड़ा अच्छा क्यों दिन में क्यों नहीं पड़ा ऐसे ही न्यूज़ देखा रहा टीवी पर और फिर सो गया था वह तो है और मैं दिन भर मोबाइल चलाती रही कमरे में बैठकर जोर से हंसी में और मेरे पति दोनों फिर मैं निकल गई थोड़ी दूर चली थी कि ट्रैफिक बहुत ज्यादा देखकर बचपन निकलना शुरू कर दिया ऐसे ही होता है हमेशा ऐसा होता है जब भी घर से निकले ट्रैफिक के मर चलो 2 घंटे में रोड क्रॉस करो कितना मुश्किल होता है रोड क्रॉस करना और अब तो नजर भी कमजोर होने लगी है तो फिर दिक्कत होने लगी है चलो जल्दी-जल्दी निकल जाते हैं सोचकर वह निकलने लगी तभी थोड़ी ही डर गई थी वहां पर हरियाली किधर थी उधर ही साइड जाने के लिए मोदी तभी सामने से एक गाड़ी आई हुई दिखाई दे अरे बहुत तेज गाड़ी आ रही है यह अलग तरह की लग रही है इसको तो पंख जैसी लग रहे हैं कैसी घड़ी है इतना ही सोचा भरा था कि बस पता नहीं चला कब उसका डिलीट होकर मार दी और कब मैं बेहोश होकर सड़क के किनारे गिर गई वहां तो कोई नहीं था मेरा मेरा पास कहीं गिरा था मेरी घड़ी कहीं गिरी थी मेरा मोबाइल कहीं गिरा था और मैं बेहोश सड़क पर पड़ी थी कुछ पुलिस वालों ने बुलाकर पास के अस्पताल में एडमिट कर दिया ऑफिस हॉस्पिटल का स्टाफ आ गया था स्ट्रेचर लेकर और मुझे जल्दी से आईसीयू में ले गया जिससे कि मेरा प्राथमिक उपचार किया जा सके अब मुझे तो खुशी नहीं था मुझे पता ही नहीं था कि मेरे साथ क्या हो रहा है लेकिन मेरे पैर में बहुत तकलीफ थी बहुत दर्द था बहुत दर्द में बेहोशी में भी चिल्ला रही थी है मेरा पर है मेरा पर बच्चा तभी कुछ-कुछ मुझे थोड़ी देर में होश आया मैंने कहा मेरे पति को भुला दीजिए मेरे हस्बैंड को बुला दीजिए उनका नंबर ही है उनका नंबर ही है उनके मोबाइल पर फोन कर दीजिए प्लीज मेरे पति को बुला दीजिए मैं जोर-जोर से कोहरे लगने लगी ऑफिस हॉस्पिटल का स्टाफ जो था वह बोला क्या बोला क्या कहा मुझे नहीं पता क्योंकि मैं होश में ही नहीं थी मैंने तो बस अपने हस्बैंड को बुलाना था जिससे कि एक घर का कोई मेंबर आ जाए और मैं देखभाल कर सके और था भी कौन हमारा मेरे पति के सिवाय बच्चे तो बाहर तो थोड़ी देर के बाद में देखती हूं कि मेरा सिटी स्कैन हो रहा है मरी हो रही है और अर्ध बेहोशी हालत में पता नहीं मेरे साथ क्या-क्या हो रहा है और मैं थोड़ी देर में देखा मेरे पति मेरे साइड में खड़े हुए हैं और उनके आंखों से आंसू बह रहे हैं तुमने क्या कर लिया है तुमने क्या कर लिया मेरी आंखों से भी आंसू बहाने शुरू हो गए कि हम तो शादी में जाने की तैयारी कर रहे थे और घर से सज धज के बढ़िया से मेकअप करके निकलने वाले थे और यहां पर मेरी यह हालत हो गई मैंने एक हाथ में एक फाइल पड़ी हुई थी एक मोबाइल पकड़ा हुआ था पर्स पड़ा हुआ था सब कुछ मेरे हाथ में था और मैं बेहोश होकर गिर गई किस तरह गिरी मुझे नहीं पता कैसे उसने ठोकर मारी बस इतना पता है कि मेरे सर से बेइंतहा खून बहा मेरे हाथों में पैरों में घुटनों में कोई जगह ऐसी नहीं बची जहां छोटे ना हो और पैर की हड्डी में फ्रैक्चर बहुत ज्यादा हो गया था मतलब फ्रैक्चर क्या टूट के चूर हो गई थी वह प्राथमिक उपचार के बाद वहां पर हड्डी वाले डॉक्टर को बुला लिया गया उसने मेरे पर को देखा लेकिन वह डॉक्टर पता नहीं कैसे थे वह सही से देखा नहीं पाए या उन्होंने सही समझ नहीं पाए इतने सारे टेस्टिंग होने के बाद भी मेरे पैर में फफोले पड़ गए और मैं दर्द से करने लगी बहुत दर्द बेतहाशा दर्द
मुस्कुराना
कितना अच्छा लगता है सुबह सुबह सूरज का निकलना पंछियों का चहकना फूलों का खिलना और रोशनी का बिखर जाना रात के अंधेरे को मिटाते हुए जब रोशनी होती है तो मन खुशी से प्रफुल्लित होता है बहुत अच्छा लगता है मुझे दुनिया को रोशनी में देखना मुझे नहीं पसंद अंधेरा नहीं पसंद मुझे मुरझाना नहीं पसंद मुझे रोशनी का कम हो जाना लेकिन सुनो इस सब से भी ज्यादा अच्छा लगता है मुझे तुम्हारा मुस्कुराना तुम्हारा मुझ से बतियाना....... सीमा असीम 3, 10, 20
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