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देशभक्ति, तिरंगा और आजादी एक बार फिर से हम सब वो मंजर याद करते हैं दिल में जली ज्वाला शहीदों के वो याद करते हैं गुलामी की डूबी   नैया आजादी पा लगी किनारे से देशभक्तों की बही खून की धाराओं को याद करते हैं !!   भारत वर्ष में   रहने वाले हर एक भारतवासी के लिए अपना देश सबसे पहले नम्बर पर होना चाहिए ! हमारा देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है,और यहां की संस्कृति और सभ्यता हमें दुनिया में सबसे उत्कृष्ट बनाती है इसलिए हमें इसकों नमन करना चाहिए!   स्वतंत्रता दिवस के इस शुभ अवसर पर हमें राष्ट्र निर्माण , देश के विकास और सम्मान बनाए रखने के हर संभव प्रयास भी करना चाहिए !   स्वतंत्रता दिवस के इस पावन पर्व पर सभी देशवासियों को गर्व का अनुभव होना चाहिए कि हम जिस देश आजाद देश में रह रहे हैं खुल कर जी रहे हैं और गुलामी को दूर कर चुके हैं लेकिन इस आजादी को पाने के लिए सेकड़ों वर्षों तक न जाने कितने ही लोगों ने अपनी जान की कुर्बानी दी है ताकि हमारी आने वाली संतति इस गुलामी के दंश को न झेले ! यह दिन हम सभी के लिए सबसे ज्यादा   खास है ! इन कुर्बानियों की बदौलत ह...
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    सीमा असीम , सक्सेना   महिलाओं का दर्द और मणिपुर हिंसा             दरअसल मणिपुर में जो महिलाओं के प्रति हिंसा हुई , भीड़ ने जिस तरह से उन पर अत्याचार किए , उनको परेशान किया , शोषण किया और उसका वीडियो बनाकर वायरल कर दिया वह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण   है निंदनीय है , मणिपुर एक ऐसा राज्य है जहां की जनसंख्या बहुत कम है , यहाँ पर महिलाएं हर चीज में आगे रहती हैं , यहाँ के बाजारों में अधिकतर दुकानें महिलाएं ही चलाती है , उस राज्य में करीब 2 महीने से अधिक समय से लोग दंगे कर रहे है , अत्याचार हो रहे हैं लोगों के घर जला दिए गए हैं , सैकड़ों के करीब इन दंगों में लोगों की हत्या कर दी गयी है , सरेआम हथियार लेकर बेख़ौफ़ घूमते हुए लोग जिन्हें किसी का डर ही नहीं है ! यहां की साक्षरता दर भी बहुत अच्छी है , उसके बाद भी युवाओं और किशोरों ने अपने जो उनके मसले हैं उन्हें खुद ही निपटाने हैं इसलिए बन्दूक लेकर चल देते हैं ! और अपने ही राज्य की स्त्री को मात्र एक देह समझ उस पर हर तरह के अत्याचार करना शुरू कर देते हैं ! बेहद दुख होता है कि ...
  साहित्यिक परिचय नाम _                  सीमा ‘ असीम ’ सक्सेना       शिक्षा _           एम . ए . संस्कृत   ( रुहेलखण्ड विश्वविद्यालय , बरेली )            अन्य _                     “ लघु शोध साहित्य पर ,   “ प्रसार भारती आकाशवाणी दिल्ली , वाणी प्रमाण पत्र ” एवं “ पी जी डी सी ए ” आदि !   प्रकाशन _               किताबें प्रकाशित , 1 ‘ ये मेरा आसमां ’ काव्य संग्रह      2 “ सागर मीठा होना चाहता है ” काव्य संग्रह      3 “ लिव लाइफ ” , कहानी संग्रह 4 “ दर्द की लकीर ” कहानी संग्रह 5 “ आखिर कब   तक ” कहानी संग्रह 6 ” सपना गुम न होना ” ...
सार संक्षेप उपन्यास – “ और उसने found the way “ लेखिका – सीमा असीम , बरेली 9458606469 Seema4094@gmail.com      उसके बराबर वाले बेड पर सोनिया और प्रियंका सोते थे लेकिन आज वह दोनों नहीं है , उनके खाली पड़े बेड उसका मुँह चिड़ा रहे थे । कल सुबह ही वे दोनों अपने घर के लिए निकल गए थे । उन दोनों के घर करीब ही है लेकिन मानसी ,  वह कैसे चली जाती ,  एक तो बुखार और दूसरे उसका घर भी काफी दूर है, उसे फ्लाइट से ही जाना पड़ता और फ्लाइट में जाने के लिए उसे टेस्टिंग और सारे चेकअप भी कराने पड़ते तभी उसे एयरपोर्ट पर अंदर जाने को मिलता । अगर कुछ निकल आया तो फिर तो गयी काम से,   यही सोचकर वह यहीं पर रुक गई थी । क्यों आई मुझे याद माँ की माँ तुम क्यों याद आती है .... “माँ अक्सर बताती रहती कि तुम्हें तो इस दुनिया में आना था, इतनी दवाइयां खाने के बाद भी तुम आ गई वरना हमारी कोई उम्र थो डे ही ना थी बच्चे पैदा करने की ।   पता है , जब तुम पैदा हुई तब हमारी उम्र बहुत ज्यादा थी , मुझे तो लगता है कि तुम्हें तो सीधे स्वर्ग से भगवान ने ही भेजा है कि जाओ और अ...