नादाँ मानव
तुम्हें ईश्वर का डर नहीं न तुम वक्त से डरते हो कैसे हो सकते हो तुम इतना निडर तुम गलत हो तुमने गलतियां की हैं फिर भी तुम खुद हो सही कहते हो लानत हैं तुम पर डूब के मर जाओ अगर तुम इंसान हो... छि घिन आती है मुझे तेरी सोच पर अरे नादाँ तू झाँक अपने गिरेवान में तुझे खुद पर घिन आ जायेगी... अभी तेरा वक्त अच्छा है लेकिन याद रखना वक्त किसी को कभी माफ़ नहीं करता वो जरूर बदला लेगा तुझसे तेरे कर्मों का कभी खुश रहने नहीं देगा तुझे... मूर्ख बनाकर सबको अपने को बुद्धिमान समझने की भूल करता है यही आदत एक दिन तुझे बर्बाद जरूर करेगी.... Seema Aseem