चाह
हमें जिंदगी में वही मिलता है जो हम चाहते हैं
दिलों जान से जी जान से जोर लगा देते हैं जिस चीज को पाने के लिए वह हमें मिलकर रहती है
उसे कोई भी नहीं रोक सकता खुद ईश्वर भी हमारे आगे नतमस्तक होते हैं और वो सब दे देते हैं जो हमें चाहिए
हमारी चाह में इतनी शक्ति होनी चाहिए कि कोई भी चीज उसे डिगा न सके...
चाह सबसे बड़ा हथियार है जो अपना रास्ता खुद बना लेता है
हमें हमारी चाह से वो सब मिल जायेगा जिसके हम हकदार हैं...
हमारी चाह हमें मजबूत बनाती है कभी कमजोर नहीं पड़ने देती...
चाह जिन्दा है अगर तो हम भी जीवित है चाह के मरते ही हम मरे हुए के समान हो जायेंगे...
जैसे मेरी चाह है कि मेरे हो तुम, सिर्फ मेरे हो तुम और यह सच है कि तुम सिर्फ मेरे ही हो...
सीमा असीम
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