सच्चे मन से
उनकी आपस में बात नहीं होती रोज रोज
वे आपस में मिलते भी नहीं है रोज-रोज
ना दूर होते हैं कभी भी
ना पास होते हैं कभी
फिर भी वे बातें करते हैं आपस में हर वक्त
फिर भी वे आपस में मिलते हैं हर वक्त
वे दूर होते नहीं है कभी भी
वे पास पास रहते हैं हर वक्त
क्या यकीन नहीं होता है तुम्हें जरा भी
क्या तुम्हें विश्वास नहीं होता है इस बात पर
हां होगा भी भला कैसे
कभी मन को सच्चा किया ही नहीं होगा तुमने
कभी सच्चा प्यार किसी से किया ही नहीं होगा तुमने
कभी किसी के लिए दिल धड़का ही नहीं होगा तुम्हारा
कभी किसी से मिलने की चाहत भी नहीं हुई होगी तुम्हारी
ऐसा होता अगर कभी भी
तो तुम जान जाते
तो तुम समझ जाते
हर बात दिल की
हर बात मन की
कि प्रेम होता है सदा सच्चे मन से है
पवित्र मन से
कभी आजमा लेना
सब समझ जाओगे
दूर रहकर भी किसी से हर वक्त पास पाओगे
यही तो होती है सच्चे प्यार की निशानी
जो तेरा है वह सदा तेरा ही रहेगा
दूर रहे चाहे रहे पास
कोई फर्क नहीं पड़ता इससे कभी भी
कोई फर्क नहीं पड़ता है जरा भी...
सीमा असीम
29,11,20

बहुत सुंदर।
ReplyDelete