न कोई गिला है तुमसे न कोई खता है तुम्हारी
कुछ गलत है तो सिर्फ इतना
मैनें वफ़ा की तुमसे ईमानदारी और सच्ची के साथ
हाँ प्रिय सुनो ,
तुम्हारी कोई गलती नहीं है अगर कुछ भी गलती है तो यही कि मैनें तुम्हें सच्चे दिल से चाहा और पूरी ईमानदारी से रिश्ता निभाया , सिर्फ तुम्हारी ही होकर रह गयी और पूरी दुनिया को भुला दिया , सोचा तक नहीं किसी और के बारे में न ही कभी ख्याल ही गया बस दुःख कभी कभी कि जो वफ़ा जो ईमानदारी मैनें रिश्ते में निभाई वो तुम कायम क्यों नहीं रख सके ,क्यों डगमगा गए तुम ? क्यों भटके ? किस चाह में ? ऐसी कौन सी ख्वाहिश थी सनम जो मैनें पूरी नहीं की ,या मैंने तुम्हारी बात नहीं मानी खैर क्या कहूं मैं तुम्हें। ..क्योंकि तुम्हें कुछ कहना खुद को ही ऊँगली दिखाना है ,मैं बस कहना चाहती हूँ आज खुद से ही कि तुम मेरे हो सिर्फ मेरे क्योंकि यही सच है अब और यही मेरा विश्वास भी है , !
अगर मैं पूरी तरह से ईमानदार हूँ औरा अपने मन का विश्वास पक्का बनाये रखती हूँ तो फिर दुनिया की कोई भी ताकत हमें एक दूसरे से जुदा नहीं कर पाएगी और न ही तुम कभी मेरे विश्वास को धोखा दे पाओगे। ..सनम दुनिया में सच है अभी भी है विश्वास भी है और ईमानदारी भी है ,,,,
और मेरी ईमानदारी मेरा जीवन है। .....
जीने क लिए बस विश्वास का ही होना जरूरी है
यह दुनिया नश्वर है पर हमारा प्रेम सच है ,,,,
सीमा असीम
१२ ,७ , १९
कुछ गलत है तो सिर्फ इतना
मैनें वफ़ा की तुमसे ईमानदारी और सच्ची के साथ
हाँ प्रिय सुनो ,
तुम्हारी कोई गलती नहीं है अगर कुछ भी गलती है तो यही कि मैनें तुम्हें सच्चे दिल से चाहा और पूरी ईमानदारी से रिश्ता निभाया , सिर्फ तुम्हारी ही होकर रह गयी और पूरी दुनिया को भुला दिया , सोचा तक नहीं किसी और के बारे में न ही कभी ख्याल ही गया बस दुःख कभी कभी कि जो वफ़ा जो ईमानदारी मैनें रिश्ते में निभाई वो तुम कायम क्यों नहीं रख सके ,क्यों डगमगा गए तुम ? क्यों भटके ? किस चाह में ? ऐसी कौन सी ख्वाहिश थी सनम जो मैनें पूरी नहीं की ,या मैंने तुम्हारी बात नहीं मानी खैर क्या कहूं मैं तुम्हें। ..क्योंकि तुम्हें कुछ कहना खुद को ही ऊँगली दिखाना है ,मैं बस कहना चाहती हूँ आज खुद से ही कि तुम मेरे हो सिर्फ मेरे क्योंकि यही सच है अब और यही मेरा विश्वास भी है , !
अगर मैं पूरी तरह से ईमानदार हूँ औरा अपने मन का विश्वास पक्का बनाये रखती हूँ तो फिर दुनिया की कोई भी ताकत हमें एक दूसरे से जुदा नहीं कर पाएगी और न ही तुम कभी मेरे विश्वास को धोखा दे पाओगे। ..सनम दुनिया में सच है अभी भी है विश्वास भी है और ईमानदारी भी है ,,,,
और मेरी ईमानदारी मेरा जीवन है। .....
जीने क लिए बस विश्वास का ही होना जरूरी है
यह दुनिया नश्वर है पर हमारा प्रेम सच है ,,,,
सीमा असीम
१२ ,७ , १९
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