तुम
जब तुम आए,
तो लगा जैसे प्रेम ने
मेरा हाथ थाम लिया..
मैंने कुछ नहीं कहा,
बस तुम्हें देखा,
और मेरे भीतर कहीं
एक दिया जल उठा...
तुम्हारे बिना
ये जीवन कितना सूना सूना
तुम मिले तो जैसे
हर साँस में प्रेम घुल गया...
मैं कविता क्या लिखूँ,
तुम ही तो मेरी
सबसे सुंदर कविता हो प्रिय..
सीमा असीम
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