कभी-कभी मुझे लगता है की दुनिया में कुछ भी सच नहीं है पर ही लिखा हुआ है बुरा लगता है कोई झूठा होता है झूठ बोलता है या फिर हर बार वही झूठ बोलता है जो पकड़ में आ जाता है क्योंकि सच जो होता है इतने भी झूठ बोल लिया जाए छुपता नहीं है सच हमेशा सच रहता है उसे अपने आवर्त से तबाही नहीं सकता क्योंकि इतना भी झूठ बोल सच सामने ही आ जाता है और अक्सर ऐसा होता है जो इंसान झूठ बोल रहा होता है उसका सच हमें पता होता है फिर भी हमें लगता है जो वह बोल रहा है वही सच है लेकिन सच हमेशा सच ही रहता है और झूठ हमेशा झूठ
कितना भी झूठ बोल लो सच सामने आ जाता है
भले ही दुनिया झूठ है लेकिन सच ईश्वर को कभी नकारा नहीं जा सकता वह सच जो कभी झूठ हो ही नहीं सकता ईश्वर है और सच भी है इस दुनिया में
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