कुछ दिनों के बाद पीहू की सोसाइटी में स्विमिंग पूल बनने का काम शुरू हो गया अब तो पीहू बहुत खुश थी कि स्विमिंग पूल बनेगा तो वह अपना सपना पूरा करेंगे छोटी सी पीहू यह नहीं जानती कि यह स्विमिंग पूल बड़े लोगों का बन रहा था अभी तो छोटे बच्चों का थोड़े दिनों के बाद बनेगा लेकिन वह तो खुश थी कि उनको स्विमिंग करने को मिलेगा खैर एक दिन बड़ा वाला स्विमिंग पूल बनकर तैयार हो गया बहुत सुंदर सा नीला नीला पानी चल ऐसे ही मिलता-दूत चलता हुआ पीहू जब भी उधर से निकलती उनका मन करता कि वह स्विमिंग कर ले लेकिन वहां तो बड़े-बड़े लोग स्विमिंग कर रहे थे फिर कुछ दिनों के बाद बड़ी स्विमिंग पूल के पास में ही एक छोटा सा स्विमिंग पूल भी बन गया जो छोटे बच्चों के लिए था तो छोटी सी पीहू खुशी के मारे नाचने लगे आप तो उनका सपना पूरा होगा मामा उनको स्विमिंग सिखाएंगे किसी तरह से स्विमिंग पूल तो तैयार हो गया आप उनको एक ट्रेनर की जरूरत थी क्योंकि मम्मी को स्विमिंग भी नहीं आती पीहू की और पीहू के पापा को भी स्विमिंग नहीं आती तो सिखाए कौन फिर उनकी मम्मी ने एक दिन सोसाइटी ऑफिस में जाकर पता किया कि छोटे बच्चों को स्विमिंग सीखने के लिए एक ट्रेनर का अरेंज कर दिया जाए जिससे कि समिति के सारे बच्चे स्विमिंग करना सीख जाए तो उनकी मम्मी की बात को उन लोगों ने ध्यान रखा बोले ठीक है अब हम ऐसा करते हैं जब बच्चों की स्कूल की छुट्टियां हो जाएगी तो हम समझ में स्विमिंग क्लास लगवा देंगे हम एक ट्रेनर को बुला देंगे वह सबको स्विमिंग सिखा देगा पीहू ने यह बात मम्मी को बताई मम्मी ने यह बात पीहू को बताई तो पीहू और भी ज्यादा खुश हो गई कि चलो अब तो उनको स्विमिंग करने को मिलेगा उन्हें बहुत अच्छा लगता था मछली को देखी थी कि कैसे चल चल चल चलती है इधर-उधर से लगती फिरती है वैसे अभी वह भी स्विमिंग करने के लिए इधर-उधर मछली की तरह फिसलते रहेगी उनका समर वेकेशन शुरू हो जाए रिजल्ट एग्जाम हो गए रिजल्ट आ गया और पीहू फर्स्ट क्लास से सेकंड क्लास में ट्रांसफर हो गई और फिर छुट्टियां हो गई गर्मियों की टोपी होने अब तो खुशी के से स्विमिंग करने के लिए तैयारी कर ली लेकिन उनकी मम्मी उनको लेकर नानी के घर चली गई आप पीहू का सपना अधूरा रह गया प नानी के घर तो आ गई लेकिन उनका मन कर रहा था कि वह जल्दी से वापस जाएं और अपनी स्विमिंग शुरू करें खैर किसी तरह से जब वह वापस आए और उनकी मम्मी ने स्विमिंग क्लास में एडमिशन करा दिया बिहू को सुबह-सुबह ट्रेनिंग के लिए जाना था हफ्ते में 6 डेज पीहू को स्विमिंग करनी थी और एक दिन घर में रेस्ट करना था संडे को तो सुबह मॉर्निंग 9:00 पर जाना था 9:00 बजे का और वह स्विमिंग करने जाएंगे वह बार-बार यही बात अपने पापा से पूछ रही थी पापा अब कितना और देर के बाद जाना है पापा बोले बस अब थोड़ी देर बाद हम लोग चलते हैं और वह दोनों लोग स्विमिंग के लिए चलेगा तो सबसे पहले पीहू ने को सिखाया आप पानी में वह करो पानी में कैसे वॉक करते हैं वह तो स्विमिंग करने आई है उसे बॉक नहीं करनी है के पापा ने समझाया बेटा आपका आपका पहला दिन है तो आपको पीयू में पानी के साथ फ्रेंडली होना सिखाया जा रहा है क्यों बोली अच्छा और उन्होंने अपने छोटे-छोटे पैरों से छोटे वाले स्विमिंग पूल में चलना शुरू किया उनको डर लग रहा था कहीं स्लिप ना हो जाए पीहू को तो बिल्कुल डर नहीं लग रहा था बस पापा को डर लग रहा था फिर ट्रेनर ने उनको कहा बेटा अपनापन अपना सर पानी के अंदर डालो और पहले एक गहरी सांस लो और अपना सर पानी के अंदर डालो ने जल्दी-जल्दी करके सारी चीज सीख ली आप जो बच्चे छोटे पुल में स्विमिंग सीख जाते थे उनको बड़े पुल में भी स्विमिंग करने को मिल जाता था तो पीहू ने छोटे पुल में से बड़े पुल में चांद शुरू कर दिया क्योंकि अब वह एक लंबी गहरी सांस लेकर फूल में नीचे जाती पानी के अंदर और खूब देर तक पैरों को चलते हुए हाथों को चलते हुए स्विमिंग करने लगे उनका सपना पूरा हो गया उनको स्विमिंग करना आ गया पीहू ने बहुत अच्छे से स्विमिंग करना सीख लिया अब वह सोच रही थी कि वह बड़े होकर अपने देश का नाम रोशन करेगी और स्विमिंग में फर्स्ट आती रहेगी हर कंपटीशन को पास करेगी
चांद को देखना एक तक देखते जाना घटते बढ़ते और 16 कलाओं से परिपूर्ण होते जाना कितना सरल है ना चांद को देखना चांद की पवित्र चांदी में नहाई धरती पर अपनी परछाई को पकड़ने की कोशिश करना छोटी बड़ी आड़ी तिरछी लंबी नाटी परछाई को पकड़ कर अपने गले से लगाने की कोशिश करना सरल है ना परछाई को नापना इतना ही सरल तो है बस तुम्हें पढ़ना और सिलसिलेवार लिखते चले जाना चाँद का आसमां में मुस्कुराना सीमा असीम 23,2,21
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