कि तुम याद आते हो कि क्यों तुम याद आते हो भर देते हो मन एक बेचैनी सी कि किसी तरह से भी तुम दूर नहीं जाते हो रहते मेरे मन के हरदम आसपास बिना बुलाये क्यों चले आते हो क्या तुम नहीं जानते मैं याद नहीं करती हूँ तुम्हें पल भर को भी पर तुम तुम क्षण भर को भी मेरे मन को खाली होने का अहसास नहीं करते हो मानों धुनी रमाये मेरे मन में बैठ जाते हो कि हर जगह हर किसी में मुझे तुम ही दिख जाते हो तो बताओ न तुम मुझे क्यों याद आते हो ? हाँ क्यों बेसबब याद आते हो ? सीमा असीम सक्सेना, बरेली 19,1,26