याद करते हो
आजकल न जाने क्यों
लग रहा है ऐसा
कि तुम मुझे याद कर रहे हो
मेरे ख्वाबों में आ जाते हो
कभी मेरी यादों में
आते हो चुपके से और
मेरे होंठो पर
मुस्कराहट बनकर बिखर जाते हो
न जाने क्यों आजकल
हर आती और जाती हुई स्वांस के साथ
तुम चले आते हो
सुनो जरा मुझे सच सच बताओ
क्या तुम मुझे याद कर रहे हो
जो यूँ मेरी स्वांसों में महक रहे हो
मेरी नम आँखों में छलक रहे हो
और मेरे कभी मेरे यूँ होठों पर बिखर रहे हो ........
सीमा असम
२८,३,२४
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