N जाने क्यों
आँख खुल जाती है चौक कर गहरी नींद से जग जाती हूँ दिल घबराने लगता है और कुछ समझ नही आता है कि मैं क्या करूँ कहाँ चली जाऊँ क्या तुम्हे मेरा जरा सा भी ख्याल नही आता होगा, क्या तुम इतने बेदर्द हो या फिर कोई दानव हो जो मुझ मासूम सी जान को यूँ तकलीफ दे रहे हो हे ईश्वर मुझे मेरे सवालों के जवाब दो, मुझे नही पता कि वो राक्षस क्यों मुझे धीरे धीरे निगल रहा है Seema aseem 26,1,23