करीब 1 घंटा हो गया था लेकिन अभी तक सुमित का कहीं अता-पता नहीं था कहां चली गई थी देर हो गई अभी तक वापस क्यों नहीं आए मन बहुत घबरा रहा था ऊपर से भी वही पढ़ रही थी मानो वह चढ़ती चली आ रही थी मैं तो कितने किनारे से खड़ी हुई थी फिर भी एक शो का सहारा था और आप तो चला जा रहा था लग रहा था सब को बड़ी जल्दी हो रही है और ऐसा लग रहा था कि सारे ही लोग निकल कर सबको अपने इस मेले में चले आए हैं मेरे पास गाड़ी की चाबी थी और मैं वहीं पर बैठी हुई थी लेकिन मुझे इतनी हिम्मत नहीं हो रही थी कि इस भीड़ में से गाड़ी को निकाल कर बाहर चले जाओ और वहां पर कट अकेला गाड़ी को खड़े छोड़कर जाना भी सुरक्षित नहीं था कि पुलिस वाले बहुत सारी वहीं पर खड़े हुए थे लेकिन बेबी कितना कंट्रोल करते हैं क्योंकि बैंक का एक रेला था इस मेले में मैंने तो शायद अपनी जिंदगी में इतनी भी पहली बार देखी थी इतने लोगों का हजूर जैसे भी सब एक-दूसरे को पीछे छोड़कर आगे बढ़ जाना चाहते थे शायद वह सबसे पहले जाकर उस मेले में खरीददारी कर लेना चाहते थे दुकानों पर खड़े होकर सब चीजें देख लेना चाहते थे ना जाने उनके मन में कैसे जिज्ञासा थी मेला देखने आए थे गंगा स्नान करने मुझे कुछ नहीं पता लेकिन हमें इतना पता था कि लोगों की भीड़ बहुत ज्यादा थी यहां पर हद से ज्यादा बच्चे बड़े बूढ़े कोई भी तो नहीं बचा था ऐसा लग रहा था कि जैसे हर परिवार से हर घर से पूरा पूरा परिवार ही चलाया है कोई घर में नहीं रुका है क्योंकि घर से ट्रैक्टर उठाया और पीछे ट्रॉली लगाई और उसमें खाने-पीने का सारा सामान रखा हुआ जितने भी लोग हैं बैठ गए आसपास के लोगों को भी बिठाया और मेले में चले आए गंगा स्नान कार्तिक पूर्णिमा पर जो गंगा स्नान होता है इसको बहुत महत्तम भी तो है हिंदू धर्म में इसे भी देखो  घर से निकलकर गंगा नहाने पहुंच जाता है तभी तो इतनी गर्मी होती गंगा घाट पर हर गंगा के किनारे बहुत भीड़ मिलेगी दूर-दूर तक मेला लगा हुआ ऐसा लगता है गांव के लोग आसपास के लोग सारी खरीदारी करने के लिए यही मेले में चले आए क्योंकि इस मेले में लगी भी तो है कितनी दुकाने हर तरह की चीजें मिल जाती हैं घर गृहस्ती से जुड़ी हुई चीज है घर के इस्तेमाल में आने वाली चीजें कोई भी तो ऐसी चीज नहीं है जो या ना मिलती हो तो शहर जाकर कोई क्यों इतनी मेहनत करें जब यहां आस-पास में ही सॉरी मेले में चीजें मिल रही है तो

 लेकिन इतना अव्यवस्थित हो जाना इतना चीजों को बिखर जाना बहुत मुश्किल होता है ना फिर उन्हें संभालना पुलिस वाले भी तो नहीं संभाल पा रहे हैं इतना हो जो मुझे उमड़ पड़ा है तो विचार एचआरजे पुलिस वाले करीब हजार हजार 41050 हजार लोगों को कैसे संभाल लेंगे भला मैं यही सब सोच रही थी खड़े होकर कि देखा एक महिला स्कूटी से जा रही थी उसके साथ में उसके पति या फिर कोई भी हो सकता है जो वह चला रहे थे इसको ठीक हो कि अचानक से स्कूटी डिसबैलेंस हुई और वह महिला उछल के नीचे जा गिरी सामने से ट्रैक्टर आ रहा था बिल्कुल उसके सर से हल्के से टकराया लेकिन यह देखो उस ट्रैक्टर वाले की होशियारी उसने ट्रैक्टर को एकदम शुरू किया और वह महिला वहीं की वहीं रह गई वरना सामने से एकदम मौत उसके गुजर की चली गई थी मानो छूकर चली गई थी

 क्योंकि जरासा एक सेकंड की देरी होती और उस महिला का सर कुचल के भरता हो गया होता बिल्कुल भी कुछ बता ही नहीं पूरा इतना बड़ा ट्रक और ट्राली उस पर ट्रैक्टर और ट्रॉली और वह एक दुबली पतली सी महिला जिसका सर बिल्कुल उसके लिए एक छोटी सी बॉल की तरह था और वह एकदम पहाड़ की तरह खैर वह बच गई क्योंकि उसका जीवन था और बस उसका बजाना एक तरीके से मेरे मन को सुकून देने वाला भी था मैं सामने से देख रही थी वरना अगर उसको कुछ हो गया होता तो शायद मुझे ही कई दिनों तक चैन नहीं पड़ता तब तो जैसे शायद मेरी ही कुछ गलती थी या मैंने जो कुछ भी गलत कर दिया क्या मैं इस महीने में आकर अपने आप को माफ कर पाती नहीं मैं कभी नहीं कर पाती मुझे तो इतनी भीड़ में आने आना ही नहीं चाहिए था मुझे तो वैसे भी घबराहट सी हो जाती है ज्यादा लोगों को देखकर ज्यादा भीड़ भाड़ को देखकर पर यहां तो इतनी बहन कर भी ऊपर से आदेश का ना आना मेरे मन को बहुत बेचैन कर रहा था मैं घबराहट हो रही थी अब महिला को देख लिया तो और घबराहट पर गई थी पसीने को हल्के हल्के हाथ से चलाने लगी पता नहीं कैसी बेचैनी सी हो गई है मैंने चुपचाप से जाकर एक तरफ को खड़ी हो गई दिल किया यह चलो इस पुलिस वाले से ही बात करती हूं पूछो तो सही आखिर हुआ क्या है क्यों नहीं आया अभी तक

 पुलिस वाले के पास गई और उसको फिर से बोला कि अभी तक आए क्यों नहीं आती कितनी दूर है यहां से हो गंगा जी अब कितनी देर और लगेगी बस आने ही वाले होंगे आप परेशान मत हो मैं सोचा कि आज आएंगे भी बहुत है ना निकलना मुश्किल हो रहा होगा इस वजह से वह आने में देरी हो गई रही है आप तो खुद ही देख रही हो इस भीड़  को  सच में बहुत भीड़ थी लेकिन अब मेरा भीड़ से ध्यान हट चुका था और मेरा पूरा ध्यान आदि की तरफ लगा हुआ था किसी मुझे जाना भी था ऑफिस पहुंचना था ऑफिस से दो बार कॉल आ चुकी थी आज बहुत जरूरी मीटिंग थी अगर मैं समय पर नहीं पहुंचेगी तो कितना लॉस हो जाएगा क्या यह जॉब भी तो कितनी मुश्किल से मिली है अगर चली गई तो फिर तो मैं जिंदगी में दूसरी जॉब कभी नहीं ढूँढ पाऊँगी 

 अब मैंने हर आते-जाते एक बच्चे बड़े बूढ़े जिस किसी को भी मुझे लगता मैं उससे पूछना चाहती थी कितनी दूर है यहां से गंगा जी कितना टाइम लगता होगा कोई कुछ जवाब देता अरे 20 को से 20 कोस कम से कम आधा घंटा लगेगा कोई कथा बस यहीं पर तो है इधर से जाओ और पहुंच जाओगे ज्यादा दूर नहीं है मुश्किल से पांच 10 मिनट का है जितने मुंह उतनी आंसर जितने मुंह उतनी बातें पापा क्या करूं आधे घंटे से तो ज्यादा ही हो चुका है बल्कि ज्यादा ही 42 बल्कि 2 घंटे हो गए होंगे और आज हाथी अभी तक नहीं आए और मेरा ऑफिस का आज कॉल बराबर मुझे परेशान कर रहा था क्या करूं मैं कहां जाऊं मैं डर की वजह से घबराहट की वजह से रोने लग गई और अपने सीने को भी चलाने लगी


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