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Showing posts from August, 2022
तू क्या जाने भला, तू कैसे समझेगा भला तू तो स्वार्थ में भरा हुआ एक स्वार्थी  इंसान है जिसे दिखाई देती है सिर्फ अपनी खुशी दूसरे को दर्द देने के बाद तू और खुश होता है.... अब तू मौत को तरसे इतना जये कि धरती त्राहि त्राहि कर उठे 
 तुम जानते थे मेरी मोहब्बत फिर   दीवानगी की हद तक  तुमको मुझसे मोहब्बत हुई ,,,
 तुम्हें कहां किसी बात का कोई असर होता है तुम तो वहीं करते आए हो जो तुम्हें अच्छा लगता है और मुझे दुख देना तुम्हारा बहुत पुराना शगल है 
तू एक नंबर का दोगला इंसान है विश्वास को तोड़ने वाला विश्वासघाती  देख विश्वास कैसा टूटता है  इस दुनिया में जीने लायक ही नहीं है तेरा अंजाम तो मैं अपनी आंखों से देख लूंगा क्योंकि देर जरूर होती है लेकिन अंधेर कभी भी नहीं होता  
 यह जीवन है इस जीवन में अनेक तरह के लोग मिलेंगे लेकिन हम तो एक ही है ना तो हमें बस अपने आपको अपने जैसे बना कर रखना है किसी अन्य की तरह बनने से कोई फायदा कहां होता है सिवाय तकलीफ के 
 तेरी हर बात से मैंने कुछ ना कुछ सीखा ही है तेरा धोखा देना भी मुझे बहुत कुछ सिखा गया है सच मान तू अपनी ही नजरों में गिरा हुआ एक शख्स है जो कभी अपने से भी नजर नहीं मिला सकता ....

कथनी करनी

 दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं जो कहते हैं वही करते हैं और जो नहीं कहते हैं वह नहीं करते लेकिन ऐसे भी लोग होते हैं जो कहते हैं वह कभी करते नहीं और जो करते हैं वह कभी करते नहीं ऐसे ही तो नहीं कहा जाता कथनी और करनी में अंतर