कहते हैं वहां पर बहुत मुश्किल से मिलती है मोहब्बत अगर मिल जाए तो समझती नहीं है इसलिए कोशिश करनी चाहिए मोहब्बत को ज्यादा जोर से मत पकड़ो और ढील भी मत दो क्योंकि ढील देने से वह बिछड़ जाती है और कस के पकड़ने से घायल हो जाती है तो प्रेम को बस प्रेम से सहेजे रखो

 लेकिन उसने तो डील भी नहीं दी और कस कर भी नहीं पकड़ा फिर ऐसा क्या हुआ और फिर एक बार बिछड़ जाए दूर चला जाए फिर का मिलना मुश्किल है तभी तो उसके जाते ही मौसम बहुत खराब हो गया था

 मुझसे मिलने के लिए आया वे लेकिन मौसम को शायद मंजूर नहीं था और उसका मिलना संभव नहीं हो पाया

 हाथों से भगवान पर ही सहारा था अगर वह मिला ही नहीं तो मिल जाएगी नहीं तो हमारी कोई भी कोशिश काम नहीं आने वाली क्योंकि प्यार मोहब्बत इश्क इश्क किस्मत से मिलते हैं यह किस्मत के खेल होते हैं

  कितनी ही दिन गुजर गए ना तो उसमें जॉब शुरू की और ना ही उसने थिएटर ज्वाइन किया हां बस कोचिंग क्लास जरूर शुरू कर दिए थे

 अब बस एक यही ख्वाब रह गया था कि किसी तरीके से कंपटीशन निकालना है और किस डिपार्टमेंट में सरकारी ऑफिसर की जॉब करनी है 

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