जन्मदिन का उपहार
बाल कहानी
जन्मदिन का उपहार
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आज बहुत प्यारी हनी मधुमक्खी जी का जन्मदिन है, सब लोग बहुत खुश हो रहे हैं और सोच रहे हैं कि शेर राजा हर किसी को उसके जन्मदिन पर कुछ ना कुछ उपहार देते हैं इस बार वह हनी मधुमक्खी जी को क्या उपहार देंगे?
जंगल के सभी वासी यही सब विचार विमर्श कर रहे थे कि राजा शेर जी आये और उन्होंने मधुमक्खी जी से पूछा, तुम हमारे राज्य की सबसे प्यारी और छोटी सदस्य हो और हम चाहते हैं कि तुम्हारे लिए हम कोई स्पेशल उपहार दें क्योंकि तुम हमारे लिए बहुत प्यारा मीठा शहद भी तो बनाती हो!
हाँ मीठा मीठा शहद हनी मधुमक्खी ही बनाती है! एकदम से भालू दादा जी बीच में टपक पड़े!
भालू जी की यह बात सुनकर सब जोर-जोर से हंसने लगे, खूब मस्ती मजाक का माहौल चल रहा था जन्मदिन था तो सबको मजा भी आ रहा था कि आज तो बढ़िया-बढ़िया चीज खाने को मिलेगी, शेर राजा केक भी मंगाएंगे और सब मिलकर केक काटेंगे, उसके बाद में खाना पीना पार्टी सब मजे करेंगे और आखिर में शेर राजा पिक्चर भी तो दिखाते हैं, जंगल की बड़ी सी स्क्रीन पर,जो उन्होंने अभी-अभी शहर से मंगवा कर लगवाई है!
वैसे जब से जंगल में एलईडी लगी है, सभी मस्त रहते हैं, खुश रहते हैं, खूब प्रोग्राम देखते हैं और खूब सारी नई-नई जानकारियां भी लेते हैं क्योंकि उन्हें भी तो पता चलना चाहिए आखिर दुनिया में हो क्या रहा? वह भले ही जानवर है लेकिन है तो इस दुनिया के ही सदस्य ही!
जबसे जंगल वासियों को चीन में आने वाले नए वायरस की खबर न्यूज़ देखते समय मिली है तब से वह सब चिंतित भी हो गए हैं कि अरे कहीं फिर पहले जैसा वायरस न फैल जाए!
सब परेशान हो जाएंगे, पिछली बार पूरी दुनिया के इंसान कितना दुखी हुए थे! लोमड़ी दीदी दुखी होती हुई बोली!
हाँ चीन ने पहले एक वायरस भेजा था और अब फिर से! चीकू बंदर बोला!
न जाने यह चीन ऐसे क्यों करता है? क्यों वह सबको मारना चाहता है? यह कहते हुए हिरण भाई उदास हो गये!
हां माना ठीक है चीन की जनसंख्या बढ़ गई है लेकिन वह अपनी जनसंख्या कम करने के और भी तो साधन अपना सकता है, नए-नए वायरस क्यों पैदा कर लेता है ताकि जनसंख्या से मुक्ति मिले? कोने में दुबके बैठे खरगोश ने हनी मधुमखी से हल्के से कहा!
हाँ तो बताओ प्यारी मधुमक्खी जी क्या उपहार दें?शेर राजा ने बड़ी सहजता से पूछा!
जी मुझे आपकी पीठ पर बैठकर पूरे जंगल में भ्रमण करना है और सबको सुरक्षित रहने का संदेश देना है ताकि सब सजग रहे और स्वस्थ रहें! बहुत ही धीमी आवाज और संकोच के साथ मधुमक्खी बोली!
उसकी यह बात सुनकर शेर राजा बहुत खुश हुए और झट से उसे अपनी पीठ पर बैठा लिया बाकि सब जंगल वाले भी ख़ुशी से ताली बजाने लगे और मधुमक्खी को खूब आशीर्वाद देने लगे! प्यारी हनी का इससे अच्छा जन्मदिन का उपहार और क्या हो सकता है भला!
देखा जाये तो वो सबसे छोटी होकर भी सबसे ज्यादा समझदार निकली!!
सीमा असीम सक्सेना, बरेली
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