जीवन हमें हर पल कुछ न कुछ जरुर सिखा जाता है जो हमें अपनी जान से ज्यादा प्यारे लगते हैं वही एक वक्त के बाद भुला दिए जाते हैं और हम उनके बिना भी बड़ी ख़ुशी से जीवन को जीते चले जाते हैं जिनके बिना पल भर का जीना भी दुश्वार लगता था लेकिन क्या करें हम कई जगहों पर मजबूर हो जाते हैं या यूँ कहें कि हम छह कर भी कुछ कर नहीं पाते और उस वक्त को लौटा भी नहीं पाते हैं जीवन है तो जीना तो पड़ता ही है चाहें आप हंसकर जियो या फिर रोकर या उदास होकर ......
असीम
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