आज भी नींद आंखों से गायब हो चुकी थी, दूर-दूर तक कहीं नींद का नामोनिशान नहीं था, ना जाने अब कैसे नींद आएगी? क्या करूं नाज़मा को जगा लूँ? नहीं नहीं रहने दो बेचारी अभी तो सोई है, क्या करूं? चलो म्यूजिक सुनती हूं मन को सुकून आएगा, मोबाइल पर यूट्यूब ऑन किया और रिलैक्सिंग म्यूजिक लगा दिया, मेरे ईयर फोन कहां है? बिना ईयर फोन के सुनूंगी तो यह सब लोग भी जग जायेंगी, ओ हो अब यह फोन कहां ढूंढू? लाइट भी ऑन नहीं कर सकती, हां हिना के ईयर फोन यहीं बेड पर ही पड़े होंगे, वही लगा लेती हूं वह अभी गाने सुन रही थी ना ईयर फोन लगाकर,

 उसने हाथ से टटोलकर देखा,  तकिए के नीचे ही उसके ईयर फोन पड़े हुए थे, मोबाइल पर ईयर फोन लगाकर उसने म्यूजिक ऑन कर दिया,  अनुष्का शंकर का सितार वादन वाला म्यूजिक मन को बड़ा सुकून और आराम दे रहा था फिर पता नहीं कब नींद आ गई पता ही नहीं चला...

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