सनम तुम न करना कभी बेवफाई मुझसे

भले ही पिला देना जहर का प्याला

क्योंकि नहीं जी पाऊँगी मैं बिन तुम्हारे

या होकर तुमसे जुदा मैं

कि हूँ मैं सिर्फ ही और

तुम्हें मानती हूँ सिर्फ अपना

हाँ तुम मेरे ही हो

सिर्फ मेरे तभी तो

चलती हैं हमारी स्वांस साथ साथ

धड़कती है धड़कन साथ साथ

और हो तुम मेरे जैसे ही जैसे

मैं बन गयी हूँ तुम्हारे जैसी...

सीमा असीम 

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