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Showing posts from June, 2025

कविता

 जब हम प्रेम को जी रहे होते हैं  तब हम प्रेम को लिख नहीं पाते हैं  और जब हम प्रेम को लिख रहे होते हैं  तब हम प्रेम को जी नहीं पाते कि  हम जिए हुए प्रेम को लिख सकते हैं  पर जब हम प्रेम में होते हैं  तो प्रेम को चाह कर भी नहीं लिख पाते.. सीमा 

कविता

 दुःख आपको तोड़ देते हैं  कहते हैं अक्सर यही सब लोग  नहीं ऐसा नहीं है  मेरा मानना है कि  दुख आपको जोड़ते हैं  खुद से  अपनों से  और ईश्वर से  सीमा